राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मध्य प्रदेश दौरा: कार्यक्रम और सुरक्षा व्यवस्था
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचकर अपने पांच दिवसीय दौरे की शुरुआत की। इस दौरान वह कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगी, जिसमें ओंकारेश्वर में पूजा-अर्चना करना, कूनो नेशनल पार्क का दौरा करना और चीता पुनर्वास परियोजना की प्रगति की समीक्षा करना शामिल है।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राष्ट्रपति का स्वागत देवी अहिल्याबाई एयरपोर्ट पर किया। मुर्मू ब्रह्माकुमारी संस्थान के एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगी। गुरुवार शाम को वह ओंकारेश्वर जाएंगी और वहां के प्रसिद्ध मंदिरों में पूजा-अर्चना करेंगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रमुख कार्यक्रम
राष्ट्रपति मुर्मू का दौरा देखते हुए प्रदेश सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत मजबूत किया है। वह 20 जून को जबलपुर पहुंचेंगी, जहां वह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी। 22 जून को वह कूनो नेशनल पार्क का दौरा करेंगी और फिर दिल्ली लौट जाएंगी।
राष्ट्रपति शुक्रवार को ओंकारेश्वर में ‘अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस’ के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगी। इसके अलावा, वह 21 जून को योग दिवस और विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भी शामिल होंगी। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राष्ट्रपति का स्वागत पूरे सम्मान के साथ किया गया है और वह विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगी।
चीता पुनर्वास परियोजना और उसकी ऐतिहासिक महत्ता
भारत में 1952 में चीता को विलुप्त घोषित कर दिया गया था, मुख्य रूप से शिकार और मानवीय गतिविधियों के कारण उनके प्राकृतिक आवास का नुकसान हुआ। 2022 में शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीतों को लाकर मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (KNP) में छोड़ा गया था। यह विश्व का पहला अंतर-महाद्वीपीय बड़े जंगली मांसाहारी जानवरों का स्थानांतरण था।
अब भारत में चीता की कुल संख्या 52 हो गई है, जिसमें से 49 कूनो पार्क में और तीन गांधी सागर अभयारण्य में हैं। इस परियोजना का उद्देश्य देश में विलुप्त हो चुके इस प्राणी को पुनः स्थापित करना है, जिससे जैव विविधता में सुधार हो सके।











