टीएमसी में बढ़ती असंतोष और राजनीतिक खींचतान
ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी (Trinamool Congress) के भीतर चल रही नाराजगी अब स्पष्ट रूप से सामने आ रही है। पार्टी के कई असंतुष्ट सांसद दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav) के आवास पर एकत्रित हुए हैं। इस बैठक को टीएमसी के अंदर बढ़ती असहमति और आगामी राजनीतिक रणनीतियों से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल, पार्टी की ओर से इस संदर्भ में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
टीएमसी सांसदों की बैठक और राजनीतिक संकेत
सबसे पहले, टीएमसी सांसद सेयानी घोष वहां पहुंचीं, जिसके बाद कई अन्य सांसद भी उनके साथ शामिल हो गए। इनमें सुदीप बंद्योपाध्याय, माला रॉय, पारसुन बनर्जी, अरूप चक्रवर्ती, शताब्दी रॉय, काकोली घोष और सुदिप बंद्योपाध्याय जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। इन नेताओं के अलावा, टीएमसी के अन्य वरिष्ठ नेता जैसे जगदीश बसुनिया, पार्थ भौमिक, जून मालिया, मेटाली बाग और बापी हलधर भी इस बैठक में मौजूद रहे। यह बैठक पार्टी के भीतर चल रही असंतोष की स्थिति को दर्शाती है और आगामी राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकती है।
शुभेंदु अधिकारी का दावा और पार्टी का भविष्य
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि टीएमसी एक महीने के भीतर ही टूट जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेता अब अलग रास्ता अपनाने की तैयारी कर रहे हैं और एक वरिष्ठ नेता दिल्ली में सक्रिय हैं। अपने भाषण में उन्होंने टीएमसी पर घमंड, भ्रष्टाचार और अत्याचार के आरोप लगाए, साथ ही पार्टी के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल भी उठाए। यह बयान पार्टी के अंदर चल रही असंतोष और संभावित बदलाव की ओर संकेत करता है।











