प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा का महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में फ्रांस और स्लोवाकिया की एक सप्ताह लंबी यात्रा शुरू की है, जिसमें वे G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और द्विपक्षीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। भारत की लगातार आठवीं बार G7 सम्मेलन में भागीदारी देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका का संकेत है। यह यात्रा भारत की विदेश नीति में नई ऊर्जा और विश्व मंच पर उसकी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास है।
स्लोवाकिया दौरे का ऐतिहासिक महत्व और प्रमुख बैठकें
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह स्लोवाकिया का उनका दौरा अत्यंत ऐतिहासिक होगा। 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद से यह पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री इस देश की यात्रा कर रहा है। वे राजधानी ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ महत्वपूर्ण बातचीत करने के लिए उत्सुक हैं। इस दौरे से भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंध मजबूत होने की उम्मीद है, साथ ही दोनों देशों के बीच आर्थिक और सामरिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
G7 शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि फ्रांस के एवियन में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी देश के वैश्विक कद और सहयोगियों के भरोसे को दर्शाती है। यह लगातार आठवीं बार है जब भारत को इस सम्मेलन में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि G7 में भारत न केवल अपनी बात रखेगा, बल्कि ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी आवाज देगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य विश्व के प्रमुख मुद्दों पर संयुक्त प्रयास करना और भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करना है।









