मध्य प्रदेश में ट्विशा शर्मा मौत मामला: नई जानकारी और कानूनी प्रक्रिया
मध्य प्रदेश के भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में 29 मई को एक महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को 2 जून तक अपनी हिरासत में लिया। दोनों से इस दौरान पूछताछ की गई और क्राइम रिक्रिएशन के लिए उनके घर पर भी कार्रवाई की गई। 2 जून को रिमांड समाप्त होने के बाद, सीबीआई ने दोनों की रिमांड आगे नहीं बढ़ाई।
गिरिबाला और समर्थ की कोर्ट में पेशी और बयानबाजी
कोर्ट में पेशी के दौरान गिरिबाला ने अपने पक्ष में बात रखी और जज के सामने अपने आरोपों का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि घर के सीसीटीवी फुटेज किसने बाहर किए, यह उन्हें नहीं पता। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि ट्विशा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने उनके बेटे समर्थ को जबलपुर हाई कोर्ट में मारा था।
मामले की जटिलताएं और मीडिया का हस्तक्षेप
गिरिबाला ने यह भी कहा कि मीडिया को क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान फुटेज देने के लिए तीन घर पहले ही दिखाए गए थे, जबकि उन्हें अपने घर पर भी गाड़ी लगाई जा सकती थी। कोर्ट के बाद गिरिबाला और समर्थ को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जिसमें उन्हें जेल में अलग रखा जाएगा। यदि आवश्यक हुआ, तो सीबीआई पीआर भी मांग सकती है।
इस मामले में 1 जून को सीबीआई ने उनके घर पर जाकर घटना का रीक्रिएशन किया, जिसमें ट्विशा का 80 किलो का डमी पुतला इस्तेमाल किया गया। समर्थ ने पहले ही बयान दिया था कि उसने ही ट्विशा को फंदे से उतारा था, जबकि गिरिबाला ने जिमनास्टिक के फंदे की गांठ खोली थी। इस घटना के बाद से ही सीसीटीवी फुटेज, समर्थ का अचानक गायब होना और फिर सरेंडर करना, तथा गिरिबाला के विवादास्पद बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं। यह मामला लंबे समय से मीडिया और जनता की नजरों में बना हुआ है।











