बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने समर्थ सिंह का लाइसेंस निलंबित किया
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आरोपी पति समर्थ सिंह का लॉ प्रैक्टिस लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। बीसीआई ने यह निर्णय उनके खिलाफ दहेज हत्या और क्रूरता जैसे गंभीर आरोपों को ध्यान में रखते हुए लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम न्याय व्यवस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक था
बार काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश केवल एक अस्थायी कदम है, जिसका उद्देश्य विधि पेशे की प्रतिष्ठा को सुरक्षित करना है। इससे आरोपी को कानून के तहत अपने बचाव का अधिकार या आपराधिक जांच की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। बीसीआई के आदेश में कहा गया है कि समर्थ सिंह और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, और यह मामला केवल सामान्य अपराध नहीं है, बल्कि वकालत के पेशे की प्रतिष्ठा और जनता के भरोसे पर भी असर डालता है।
वकील का आचरण कानून व्यवस्था और जनता के विश्वास का आधार है
बार काउंसिल ने यह भी बताया कि एक वकील केवल नागरिक नहीं, बल्कि न्यायालय का अधिकारी और न्याय प्रणाली का अहम हिस्सा होता है। इसलिए, अधिवक्ताओं का आचरण कानून व्यवस्था और जनता के विश्वास को कमजोर करने वाला नहीं होना चाहिए। इस मामले में समर्थ सिंह को तत्काल प्रभाव से वकालत करने से निलंबित कर दिया गया है, और वह किसी भी न्यायालय या कानूनी मंच पर पेश नहीं हो सकेंगे। साथ ही, वह किसी मामले में पैरवी या वकालतनामा दाखिल करने का अधिकार भी नहीं रखेंगे। उल्लेखनीय है कि समर्थ सिंह ने 22 मई को जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर कर दिया था, और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।











