बिहार के गोपालगंज में सात वर्षीय बच्चे की निर्मम हत्या
बिहार के गोपालगंज जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें सात वर्षीय बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। बच्चे का शव घर के बाहर खड़ी एक पुरानी कबाड़ कार में पाया गया, जो वर्षों से वहीं खड़ी थी। इस जघन्य अपराध में बच्चे के चेहरे को जलाने का प्रयास भी किया गया था, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत ही जांच शुरू कर दी है, जिसमें हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता के नेतृत्व में एफएसएल (Forensic Science Laboratory) टीम भी शामिल है। घटना मीरगंज थाना क्षेत्र के भटवलिया गांव की है, जहां मृतक बच्चे का नाम अनुज कुमार बताया गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बच्चे के लापता होने और हत्या की जांच
जानकारी के अनुसार, बुधवार की शाम को अनुज अपने घर के बाहर खेल रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि वह थोड़ी देर में वापस आ जाएगा, जैसे हर दिन होता था। लेकिन जब रात हो गई और बच्चा घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। कई घंटों की तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने मीरगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चे की तलाश तेज कर दी है।
खून के निशान और शव का दर्दनाक हाल
पुलिस ने जब घर के बाहर खड़ी पुरानी कार की तलाशी ली, तो उनके होश उड़ गए। कार के अंदर ही अनुज का शव पड़ा था, जिसकी हालत बहुत ही दर्दनाक थी। प्रथम दृष्टया, हत्या के बाद बच्चे के चेहरे पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जलाने का प्रयास किया गया था। इस जघन्य अपराध की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं और जांच जारी है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि मीरगंज थाना क्षेत्र के भटवलिया गांव में एक बंद पड़ी गाड़ी से बच्चे का शव बरामद किया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी तक हत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। जल्द ही इस जघन्य अपराध का खुलासा कर लिया जाएगा।











