देवास में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
देवास जिले की टोंककला में स्थित पटाखा कारखाने में हुई भीषण विस्फोट की घटना के मुख्य आरोपी और कथित संचालक मुकेश विज को पुलिस ने भारत लौटते ही गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी गुरुवार को चीन के ग्वांग्झू (Gwangzhou) से भारत आया था, जहां से वह फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए देशभर के प्रमुख एयरपोर्ट पर लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था, जिसके आधार पर दिल्ली एयरपोर्ट पर उसकी पहचान हुई और उसे हिरासत में ले लिया गया। अब पुलिस उसकी विस्तृत पूछताछ के लिए देवास लाने की तैयारी कर रही है।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी और जांच का क्रम
बताया जा रहा है कि घटना के बाद से ही मुकेश विज विदेश में छिपा हुआ था, और मीडिया रिपोर्ट्स में उसकी चीन में मौजूदगी की जानकारी पहले ही सामने आ चुकी थी। देवास पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए देशभर के एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरती थी। दिल्ली एयरपोर्ट पर उसकी पहचान होने के बाद उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस अब उसकी पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि वह कैसे और कब फरार हुआ था।
14 मई को हुआ था भयानक विस्फोट, मृतकों की संख्या बढ़ी
14 मई को देवास जिले के टोंककला में स्थित पटाखा फैक्ट्री में एक भीषण विस्फोट हुआ था। प्रारंभिक रिपोर्टों में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई। इनमें अधिकांश मृतक बिहार के निवासी बताए गए हैं। इस हादसे में कई मजदूर गंभीर रूप से झुलसे थे, जिनमें से कुछ की इलाज के दौरान मौत हो गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री का पूरा परिसर तबाह हो गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रशासनिक कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी मुकेश विज के अलावा उत्तराखंड निवासी फरार आरोपी महेश चौहान को दिल्ली से हिरासत में लिया गया है। इससे पहले फैक्ट्री के सह-संचालक और मुकेश विज के भाई कपिल विज को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने लाइसेंसी (लाइसेंसधारी) अनिल मालवीय और मैनेजर मोहम्मद आज़ास खान को भी गिरफ्तार किया था।
विस्फोट के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तत्कालीन कार्रवाई में चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इनमें टोंकखुर्द SDM संजीव सक्सेना, टप्पा चिड़ावद के नायब तहसीलदार रवि शर्मा, सोनकच्छ SDOP दीपा मांडवे और टोंककला चौकी प्रभारी रमनदीप हुंडल शामिल हैं।
विशेष जांच टीम और सवालों के घेरे में लाइसेंस
देवास एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 13 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। यह टीम तकनीकी साक्ष्य जुटाने, नेटवर्क खंगालने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का काम कर रही है। इनाम की घोषणा भी की गई है। जांच में पता चला है कि आरोपी अनिल मालवीय के नाम पर जारी लाइसेंस में केवल 15-15 किलोग्राम बारूद और 600-600 किलोग्राम पटाखा सामग्री रखने की अनुमति थी, लेकिन फैक्ट्री से कई टन विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। लाइसेंस 31 मार्च 2026 तक वैध था, और उसका नवीनीकरण 6 मई 2026 को हुआ था। इससे लाइसेंस जारी करने और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय चर्चा में यह भी है कि लाइसेंसधारी अनिल मालवीय केवल एक ‘मोहरा’ था, और पूरे नेटवर्क के पीछे प्रभावशाली लोगों का संरक्षण और आर्थिक गठजोड़ होने की आशंका है। हालांकि, राजनीतिक संरक्षण और बड़े कारोबारी नेटवर्क की बात अभी तक आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पूर्व में भी हो चुकी हैं आगजनी की घटनाएं
जानकारी के अनुसार, इस फैक्ट्री में पहले भी आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। यहां मुकेश विज के नाम से पटाखों का निर्माण किया जाता था। राज्य सरकार ने इस मामले में एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है, जिसे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति सुभाष काकड़े की अध्यक्षता में नियुक्त किया गया है। आयोग को एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।










