बिहार के नए मुख्यमंत्री का काफिला चर्चा में
बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का काफिला एक बार फिर सुर्खियों में है। बुधवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक के बाद जब वे बाहर निकले, तो उनके साथ लगभग दो दर्जन से अधिक गाड़ियों का लंबा काफिला नजर आया। इस दृश्य ने राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया दोनों पर ही व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। कई लोग इसे प्रधानमंत्री के सीमित दो गाड़ियों वाले काफिले से तुलना कर सवाल उठा रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का चयन
इस बीच, एक महत्वपूर्ण बदलाव भी देखने को मिला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज से पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों को छोड़कर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि इस कदम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। यह निर्णय राज्य में हरित ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाने और प्रदूषण कम करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
सुरक्षा और प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार काफिले का आयोजन
सचिवालय से निकलते समय सामने आई तस्वीर में देखा गया कि उनके काफिले में सुरक्षा और प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार कई गाड़ियां शामिल थीं। इस तस्वीर के वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को अपने खर्च और सादगी का भी ध्यान रखना चाहिए, खासकर जब वह जनता से खर्च में कटौती का वादा कर रही हो।










