दिल्ली के सफदरजंग में जज की आत्महत्या से गहरे सवाल
दिल्ली के सफदरजंग क्षेत्र में जज अमन कुमार शर्मा की आत्महत्या ने समाज में कई ज्वलंत प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने पूरे परिवार और न्यायिक क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। मृतक जज के पिता ने जो जानकारी साझा की है, उसने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। पिता का कहना है कि अमन काफी समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे और अपनी वैवाहिक जीवन को लेकर अत्यंत परेशान थे।
पिता ने बताया कि तनाव का कारण क्या था
पिता ने बताया कि घटना की रात करीब दस बजे अमन का फोन आया था, जिसमें उन्होंने कहा कि वह बहुत परेशान हैं और जीना मुश्किल हो गया है। बेटे की बात सुनकर पिता ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और हिम्मत बढ़ाई। इसके बाद वह तुरंत अलवर से दिल्ली के लिए रवाना हुए और रात बारह बजे घर पहुंच गए। घर पहुंचने के बाद अमन ने पिता को बताया कि पिछले दो महीनों से उनकी पत्नी के साथ विवाद चल रहा था और वह खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहे थे।
पारिवारिक विवाद और आत्महत्या का कारण
पिता के अनुसार अमन की पत्नी भी एक ज्यूडिशियल ऑफिसर हैं और घर में उनका काफी दबदबा था। साथ ही, घर में अमन की साली निधि का भी प्रभाव था, जो जम्मू में पोस्टेड हैं। अमन ने यह भी कहा कि घर के हर फैसले निधि की मर्जी से होते हैं, जिससे वह खुद को असहाय महसूस कर रहे थे। पिता का आरोप है कि जब उन्होंने बहू से बात करने की कोशिश की, तो उसने उन्हें घर छोड़ने की धमकी दी और कहा कि यदि वे नहीं गए तो वह पुलिस बुला लेंगी।
इसके बाद पिता ने बहू के माता-पिता और अन्य परिजनों से संपर्क किया, लेकिन किसी ने भी इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया। रातभर घर में तनाव का माहौल बना रहा। पिता के अनुसार अमन एक कमरे में थे और उनकी पत्नी दूसरे कमरे में। इस दौरान तेज आवाजें और बहस की आवाजें सुनाई दे रही थीं, जबकि अमन रो रहे थे। कुछ समय बाद जब अमन नजर नहीं आए, तो पिता को चिंता हुई। उन्होंने बेटे के मोबाइल पर कॉल किया, जिसकी घंटी बाथरूम से सुनाई दी।
अमन का शव बाथरूम में फंदे से लटका मिला। जब दरवाजा तोड़ा गया, तो पता चला कि उसने अपनी पत्नी की चुन्नी से फांसी लगाई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारी सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।











