गुरुग्राम में हिंसा की साजिश का पर्दाफाश
गुरुग्राम (Gurgaon) के आईएमटी मानेसर क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर हिंसा भड़काने और बड़े पैमाने पर आगजनी की योजना बनाने का आरोप है। इन आरोपियों को विशेष रूप से व्हाट्सएप (WhatsApp) ग्रुप के माध्यम से लोगों को भड़काने और कंपनियों में पेट्रोल बम से हमला करने की साजिश रचने का संदेह है।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारियों का विवरण
पुलिस ने बताया कि 9 अप्रैल को हुई तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के बाद, दो एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिसमें कई निजी वाहनों और पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया था। इस दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। जांच के दौरान पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली, जिसके बाद इन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये सभी अलग-अलग इलाकों से हैं, और इनमें से अधिकांश का गुरुग्राम की किसी भी कंपनी से कोई संबंध नहीं है, न ही वे श्रमिक के रूप में काम करते हैं।
आरोपियों की भूमिका और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने खुलासा किया कि आरोपियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसमें वे लोगों को भड़काने और कंपनियों में आग लगाने के लिए पेट्रोल बम की बोतलों का उपयोग करने की योजना बना रहे थे। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इनका मकसद गुरुग्राम में बड़े पैमाने पर दंगे कराना और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाना था। समय पर कार्रवाई के कारण बड़ा हादसा टल गया है। इन आरोपियों के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक चैट भी बरामद हुई हैं।
गुरुग्राम पुलिस ने मानेसर आईएमटी के श्रमिकों से अपील की है कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति या शरारती तत्वों के बहकावे में न आएं। साथ ही, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि स्थिति अब पूरी तरह शांतिपूर्ण है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जांच जारी है कि क्या इन आरोपियों का नोएडा (Noida) में हाल ही में हुई घटनाओं से कोई संबंध है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है, और पुलिस इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।










