बिहार की राजनीति में नई हलचल और जेडीयू विधायक की मुश्किलें
बिहार की राजनीतिक स्थिति में हाल ही में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है, जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्यता ग्रहण कर ली है और अब वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर दिल्ली की राजनीति में अपना भाग्य आजमाने का मन बना रहे हैं। इस बदलाव के साथ ही जेडीयू के प्रमुख नेता और बाहुबली विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं। उनके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है, जिससे उनकी राजनीतिक करियर पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
भू-माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप और गिरफ्तारी वारंट
पप्पू पांडेय को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है, जो गोपालगंज के कुचायकोट सीट से लगातार चौथी बार विधायक हैं। लेकिन सत्ता परिवर्तन की आहट के साथ ही उनके खिलाफ भू-माफियाओं को संरक्षण देने और अवैध जमीन कब्जा करने के गंभीर आरोप लगने लगे हैं। पुलिस ने इन आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, जिसमें उनके भाई सतीश पांडेय और अन्य आरोपियों का नाम भी शामिल है।
पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक माहौल में हड़कंप
पुलिस ने सोमवार को उनके और उनके भाई की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की, लेकिन दोनों मौके से नहीं मिले। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई में पांच थानों की पुलिस शामिल थी। यह मामला फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन कब्जाने और भू-माफियाओं को संरक्षण देने से जुड़ा है। जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही भोला पांडेय समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है, जिससे जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।










