मध्य प्रदेश के रईस विधायक संजय पाठक का चुनावी जनादेश का प्रयोग
मध्य प्रदेश के प्रमुख और सबसे धनी विधायकों में शुमार संजय सतेंद्र पाठक अब अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता का समर्थन जानने के लिए एक अनूठा कदम उठाने जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की है कि वे अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में जनादेश कराएंगे, ताकि यह पता चल सके कि जनता उनके कार्यों से कितनी संतुष्ट है। इस प्रक्रिया के तहत यदि उन्हें 51 प्रतिशत से कम वोट मिलते हैं, तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। यह कदम उन्होंने 2023 में अपने चुनाव से पहले भी अपनाया था, जिससे उनकी लोकप्रियता का आकलन किया गया था।
जनादेश के माध्यम से अपनी लोकप्रियता का आकलन करने की योजना
कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा से बीजेपी विधायक संजय पाठक ने अपने कार्यकाल का लगभग ढाई वर्ष पूरा होने पर यह निर्णय लिया है कि वे जनता के बीच जाकर अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे। उन्होंने अपने क्षेत्र में एक सार्वजनिक मंच से यह घोषणा की कि यदि उन्हें 51 प्रतिशत से कम समर्थन मिलता है, तो वे तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। इस घोषणा को उन्होंने अपने नगर परिषद कैमोर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया, जहां उन्होंने कहा कि यह जांचना जरूरी है कि वे जनता की सेवा के योग्य हैं या नहीं।
2023 में किया गया था पहले भी जनादेश का प्रयोग
संजय पाठक ने 2023 में विधानसभा चुनाव से पहले ही अपने क्षेत्र में एक जनादेश प्रक्रिया कराई थी। उस समय चार दिनों तक चली वोटिंग के बाद परिणाम आया कि 75 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने उनके पक्ष में वोट डाले थे। इस मतदान में कुल 2 लाख 33 हजार मतदाता थे, जिनमें से लगभग 1 लाख 37 हजार ने वोटिंग की। इनमें से 75 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने संजय पाठक को समर्थन दिया, जबकि कुछ ने विरोध में वोट किया। इस तरह, उनके चुनावी समर्थन का आंकड़ा स्पष्ट रूप से मजबूत था।










