गुरुग्राम में आध्यात्मिक संगीत का अनोखा संगम
साइबर सिटी गुरुग्राम में तेजी से विकसित हो रहे जीवनशैली के बीच अब एक नई आध्यात्मिक प्रवृत्ति भी उभर रही है। शहर के ‘आर्टिस्ट चौक’ पर युवा पीढ़ी पारंपरिक भक्ति गीतों को आधुनिक संगीत के साथ मिलाकर एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। यहाँ गिटार और काजोन (ड्रम) जैसे आधुनिक वाद्ययंत्रों की धुन पर हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है, जो दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
भक्ति और संगीत का यह अनूठा मेल
हनुमान जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में युवाओं की टोली ने अपने नए अंदाज से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति और संगीत का यह संगम न केवल माहौल को आध्यात्मिक बनाता है, बल्कि उपस्थित हर व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित भी करता है। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को पारंपरिक भक्ति से जोड़ना और उन्हें आधुनिक संगीत के माध्यम से अपनी जड़ों से परिचित कराना है।
सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और युवा प्रतिभाओं का समागम
करीब तीन साल पहले शुरू हुई इस पहल की शुरुआत एक छोटे से भजन सत्र से हुई थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक बड़े अभियान का रूप ले ली। वर्तमान में इस मंच से लगभग 550 कलाकार जुड़े हैं, जो हर मंगलवार को मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। इस समूह में देश के विभिन्न हिस्सों से युवा शामिल हैं, जैसे कश्मीर से कन्याकुमारी तक, जो कला और अध्यात्म के माध्यम से एकजुट हुए हैं।
हनुमान जयंती के अवसर पर आयोजकों ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया है, जिसमें राम भजन और हनुमान भजनों के बाद सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। साथ ही सुबह भंडारे और दोपहर में ‘स्पिरिचुअल जैमिंग’ का भी आयोजन किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि युवाओं का उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा इस पहल की सबसे बड़ी ताकत है। आधुनिक संगीत के साथ भक्ति का यह मेल युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है।











