भोपाल में गैस आपूर्ति संकट से होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर गैस की आपूर्ति में गंभीर बाधा का खतरा मंडरा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की सप्लाई चेन बाधित हो गई है। इसका सीधा प्रभाव भोपाल की रसोईयों पर पड़ा है, जहां कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
कमर्शियल गैस की उपलब्धता और संकट की स्थिति
भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि वर्तमान में शहर के होटलों के पास केवल 48 घंटे की गैस का स्टॉक बचा है। सरकारी नियमों के अनुसार, वे दो दिनों से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकते हैं, और यह स्टॉक अब समाप्ति के करीब है।
राजधानी के होटलों और रेस्टोरेंट में प्रतिदिन लगभग 1000 कमर्शियल गैस सिलेंडरों की खपत होती है। तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल गैस की सप्लाई पर रोक लगा दी है, जिससे व्यापारियों के पास खाना पकाने का कोई विकल्प नहीं बचा है।
आगे की रणनीति और जनता पर प्रभाव
तेजकुलपाल सिंह पाली ने प्रशासन से वैकल्पिक उपाय के रूप में कोयले या अन्य ईंधन की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो होटल बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। यदि प्रशासन हमें कोयले या अन्य ईंधन से काम करने की अनुमति देता है, तो हम अपने व्यवसाय को जारी रख पाएंगे, अन्यथा शहर की फूड सर्विस पूरी तरह ठप हो जाएगी।
सिर्फ कमर्शियल गैस ही नहीं, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी नियम सख्त कर दिए गए हैं। अब भोपाल में दूसरी रिफिल बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिनों का इंतजार अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन की नजर इन बातों पर भी है कि कहीं घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध उपयोग न हो।
अंत में, होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो दो दिनों के भीतर शहर के रेस्टोरेंट्स में चूल्हे जलना मुश्किल हो जाएगा। उन्हें या तो गैस चाहिए या फिर कोयले का विकल्प।











