दिल्ली शराब नीति केस में हाई कोर्ट का फैसला और राजनीतिक प्रभाव
दिल्ली में शराब नीति से जुड़े मामले में हाई कोर्ट के निर्णय ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह से बदल दिया है। राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला आने के बाद भाजपा ने चुप्पी साध ली थी, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने तीखे तेवर दिखाए थे। अब जब सीबीआई की अपील पर हाई कोर्ट ने अपना रुख स्पष्ट किया है, तो भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर हमले तेज कर दिए हैं।
सीबीआई की चुनौती और हाई कोर्ट का नोटिस
दिल्ली शराब घोटाले के मामले में राउज एवेन्यू स्पेशल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दाखिल की है। हाई कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी कर एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 16 मार्च को निर्धारित है।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद भाजपा ने फिर से आक्रामक रुख अपनाया है। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि निचली अदालत का फैसला अंतिम नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लालू यादव, ए राजा और कनिमोझी जैसे नेताओं को भी शुरुआती राहत मिली थी, लेकिन बाद में उन्हें सजा हुई। उनका तर्क है कि शुरुआती फैसले अक्सर नेताओं को राहत देते हैं, लेकिन उच्च अदालतें अंतिम निर्णय लेती हैं।
हाई कोर्ट के आदेश का प्रभाव और राजनीतिक प्रतिक्रिया
हाई कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस हिस्से पर रोक लगा दी है, जिसमें सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की गई थी। साथ ही, कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत की कुछ टिप्पणियां तथ्यात्मक रूप से गलत थीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित 23 आरोपियों को आरोपमुक्त नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक आगे की कोई कार्रवाई नहीं होगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि राजनीतिक बदले की कार्रवाई के आरोप अक्सर लगाए जाते हैं, लेकिन जांच की गंभीरता कम नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि स्पेशल कोर्ट का आदेश पूरी तरह से आपराधिक कानून के खिलाफ है और गवाहों के बयानों को मुकदमे की सुनवाई तक पुष्टि की आवश्यकता नहीं है।
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद भाजपा ने तीखे हमले किए हैं। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो सकती है, लेकिन अंत में सत्य की ही जीत होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाई कोर्ट द्वारा सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ टिप्पणियों पर रोक लगाना कई सवाल खड़े करता है। भाजपा नेता ने कहा कि गोवा चुनाव में हवाला भुगतान के संदर्भ में मिले दस रुपये के नोट का जिक्र भी जांच में सामने आया है, जो कथित तौर पर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के फोन में पाया गया था।
वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि यह मामला राजनीतिक बदले की भावना से बनाया गया था। उन्होंने दावा किया कि हाई कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश पर कोई रोक नहीं लगाई है, जिससे यह साबित होता है कि मामला कमजोर और मनगढ़ंत था। उनका तर्क है कि बरी होना भी एक बड़ा फैसला है, क्योंकि यह तब होता है जब पूरा मुकदमा चल चुका हो।










