मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के स्वागत पर कड़ी निंदा की
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत के दौरान प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने ममता बनर्जी से इस असामान्य व्यवहार के लिए माफी मांगने की मांग की है। यादव ने कहा कि देश की सर्वोच्च पद पर आसीन राष्ट्रपति का सम्मान हर राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इस सम्मान का उल्लंघन निंदनीय है।
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान ममता बनर्जी का असामान्य व्यवहार
7 मार्च को जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सिलीगुड़ी के पास बिधाननगर में आदिवासियों की सभा को संबोधित करने पहुंचीं, उस समय न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और न ही कोई अन्य मंत्री उनके स्वागत के लिए मौजूद था। इस घटना ने पूरे राजनीतिक माहौल को हिला कर रख दिया। मुख्यमंत्री यादव ने इस घटना को लेकर कहा कि राष्ट्रपति के सम्मान में इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
राजनीतिक आलोचना और ममता बनर्जी से माफी की मांग
यादव ने कहा कि राष्ट्रपति का पद देश में सर्वोच्च है और इस पद का अपमान किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को इस घटना की गंभीरता को समझते हुए तुरंत माफी मांगनी चाहिए। यादव ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं भारत के राष्ट्रपति के सम्मान को ठेस पहुंचाती हैं और यह बंगाल सरकार के लिए शर्मनाक हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ममता बनर्जी इस मुद्दे को गंभीरता से लेंगी और उचित कदम उठाएंगी।











