मध्य प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों का लापता होना चिंता का विषय
मध्य प्रदेश विधानसभा में महिलाओं और किशोरियों के लापता होने के आंकड़ों ने सभी को चौंका दिया है। विधानसभा में गृह विभाग ने एक सवाल के जवाब में बताया कि वर्ष 2020 से लेकर 28 जनवरी 2026 तक राज्य में कुल 2,70,300 महिलाएं और लड़कियां लापता हुई हैं। इनमें से 2,20,130 महिलाओं और लड़कियों को खोजकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है, लेकिन अभी भी लगभग 50,000 से अधिक महिलाएं और किशोरियां लापता हैं।
आंकड़ों में बढ़ती चिंता और सरकार की प्रतिक्रिया
गृह विभाग ने यह जानकारी कांग्रेस विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया के लिखित सवाल के जवाब में दी है। आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 में 31,405 महिलाएं और लड़कियां लापता हुईं, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए 2025 में 54,897 तक पहुंच गई। वर्ष 2026 के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, अभी तक 4,197 महिलाएं और किशोरियां लापता हैं। इनमें से अधिकांश को बरामद कर लिया गया है, लेकिन अभी भी 50,170 महिलाएं और लड़कियां लापता हैं।
महिला सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताएं और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
यह आंकड़े न केवल चिंता का विषय हैं, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करते हैं कि क्या इन लापता मामलों के पीछे कोई संगठित गिरोह हो सकता है। कांग्रेस विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है और इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इन आंकड़ों से पता चलता है कि महिला सुरक्षा को लेकर अभी भी व्यापक सुधार की आवश्यकता है।











