प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत में बदलाव का ऐतिहासिक क्षण
इस शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह साउथ ब्लॉक में अंतिम बार होगी। शाम चार बजे यह बैठक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के साउथ ब्लॉक स्थित पुराने भवन में आयोजित की जाएगी, जो अब इतिहास बन जाएगा। इसके बाद, पीएमओ अपने नए परिसर ‘सेवा तीर्थ-1’ में स्थानांतरित हो जाएगा।
साउथ ब्लॉक का विदाई समारोह और नई परियोजना
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह बैठक प्रतीकात्मक रूप से आयोजित की जा रही है, क्योंकि यह 80 साल पुराने साउथ ब्लॉक को अलविदा कहने का अंतिम अवसर है। स्वतंत्रता के बाद से यह भवन प्रधानमंत्री कार्यालय का मुख्य केंद्र रहा है। नई परियोजना के तहत, 1189 करोड़ रुपये की लागत से बने ‘सेवा तीर्थ’ में पीएमओ, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के कार्यालय स्थानांतरित होंगे।
‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ का निर्माण और भविष्य की योजना
यह नया परिसर लगभग 2,26,203 वर्ग फुट में फैला है और इसे लार्सन एंड टुब्रो (Larsen and Toubro) ने विकसित किया है। कैबिनेट सचिवालय पहले ही सितंबर में ‘सेवा तीर्थ-2’ में स्थानांतरित हो चुका है, जबकि ‘सेवा तीर्थ-3’ में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कार्यालय स्थापित किया जाएगा। पीएमओ के नए स्थानांतरण के बाद, साउथ और नॉर्थ ब्लॉक को ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ के रूप में विकसित करने की योजना है, जो एक सार्वजनिक संग्रहालय के रूप में जनता के लिए खुला रहेगा।











