मध्य प्रदेश में धार्मिक और आदिवासी पहचान पर बहस तेज
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक और आदिवासी समुदाय की पहचान को लेकर विवाद गरम हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भगवान हनुमान को आदिवासी बताते हुए एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दिया है। इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियों को और भी तेज कर दिया है।
उमंग सिंघार का दावा: भगवान हनुमान और राम की वानर सेना आदिवासी थी
बड़वानी जिले में आयोजित आदिवासी अधिकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि भगवान हनुमान और भगवान राम की वानर सेना आदिवासी समुदाय से संबंधित थी। उन्होंने आगे कहा कि रामायण में जब राम की सेना का उल्लेख किया गया है, तो उसमें आदिवासियों का भी उल्लेख है। सिंघार ने स्पष्ट किया कि रामायण में वर्णित वानर सेना का संबंध आदिवासियों से है, और राम को जिताने में भी आदिवासियों का योगदान रहा है।
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उमंग सिंघार ने यह भी कहा कि भगवान हनुमान को आदिवासी मानना गलत नहीं है, क्योंकि हनुमान जी की पूजा हर गांव में होती है और वे भी हमारे वंशज हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा हिंदू और भगवानों की बातों को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर रही है। सिंघार ने कहा कि जब हिंदू और भगवानों की बात आती है, तो भाजपा मोदी की पतंग उड़ाती है, और हनुमान की पतंग भी उड़ा रही है, जिसका अर्थ है कि वे आदिवासियों को भी अपने से दूर कर रहे हैं।










