मध्यप्रदेश में अवैध रेत खनन और उसके परिवहन पर बढ़ते खतरे
मध्यप्रदेश में अवैध रेत खनन और उसके अवैध परिवहन के खिलाफ सरकार और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद रेत माफिया का आतंक जारी है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रेत तस्करों ने पुलिस पर हमला किया और सड़क पर लोगों को कुचलने जैसी घटनाएं भी हुई हैं। इन घटनाओं ने राज्य में खनन माफियाओं की बढ़ती ताकत और उनके दुस्साहस को उजागर किया है।
रेत माफिया का लगातार बढ़ता दुस्साहस और पुलिस की कार्रवाई
श्योपुर जिले में रेत माफिया का दुस्साहस दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर माफियाओं ने पथराव कर दिया। जब्त किए गए डंपर को छुड़ा ले जाने में भी माफियाओं ने सफलता हासिल की। घटना श्यामपुर क्षेत्र की है, जहां सुबह गश्त के दौरान टीम ने प्रतिबंधित क्षेत्र से रेत से भरे एक डंपर को पकड़ा। जैसे ही टीम उसे थाने ले जा रही थी, चालक ने जानबूझकर डंपर पलटा दिया। इसके बाद उसके साथी मौके पर पहुंचकर वन अमले पर पथराव करने लगे। इस हमले में वन विभाग की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टाफ को पीछे हटना पड़ा। बाद में जब टीम वापस पहुंची, तो डंपर वहां से गायब था।
आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज और ट्रैक्टर ट्रॉली हादसे का शिकार
संबंधित खबरों के अनुसार, सबलगढ़ रेंज के अधिकारी दीपक शर्मा की शिकायत पर वीरपुर थाने में पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 11 जनवरी की सुबह करीब साढ़े पांच बजे श्यामपुर के पास एक डंपर अवैध रूप से चंबल क्षेत्र की रेत लेकर जा रहा था। पूछताछ में पता चला कि डंपर महावीर जाट निवासी श्योपुर का है। पुलिस ने आरोपी हेमेन्द्र रावत, रविंद्र रावत, छोटे रावत, हरिकेश रावत और धारा सिंह रावत के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
वहीं, विजयपुर क्षेत्र में तेज रफ्तार और अवैध खनन में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ने बाइक सवार मां-बेटे को टक्कर मार दी, जिसमें बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा लाडपुरा के बंधपुरा तिराहे के पास शाम को हुआ। मृतक की पहचान 35 वर्षीय कालीदीन पुत्र महावीर शर्मा के रूप में हुई है, जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया और शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से आम जनता का जीवन खतरे में है।









