इंदौर जल संकट पर राजनीतिक हलचल तेज, कैलाश विजयवर्गीय का अचानक भोपाल आगमन
इंदौर में जल संकट और उससे जुड़ी विवादित स्थिति के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय गुरुवार को अचानक भोपाल पहुंच गए। इस दौरान उनके भोपाल पहुंचते ही भाजपा कार्यालय में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था देखी गई, जो पहले कभी नहीं देखी गई थी। संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के साथ उनकी गोपनीय बैठक ने प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में चर्चा का माहौल बना दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था और बैठक का माहौल
भाजपा कार्यालय में कैलाश विजयवर्गीय के सुरक्षा घेरे को देखकर हर कोई हैरान रह गया। उनके साथ संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के बीच हुई बातचीत खुले मैदान में हुई, जिसमें सुरक्षा कर्मियों ने सभी को मैदान से दूर रहने का निर्देश दिया। इतना ही नहीं, विजयवर्गीय के चारों ओर ऐसा कड़ा सुरक्षा घेरा था कि कोई भी परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। यहां तक कि कार्यकर्ताओं और मीडिया को भी दूर रखा गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, विजयवर्गीय उस नियमित बैठक में भाग लेने आए थे, जो दिसंबर से मंत्रियों के लिए शुरू की गई है। इस बैठक में हर मंत्री को निर्धारित दिन मुख्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मिलने का निर्देश है।
राजनीतिक अटकलें और संगठन का संदेश
भोपाल आने के बाद कैलाश विजयवर्गीय और संगठन महामंत्री के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। क्या दिल्ली के उच्च अधिकारियों ने संगठन महामंत्री के माध्यम से कैलाश विजयवर्गीय को कोई संदेश दिया है? इससे पहले भी संगठन महामंत्री ने इंदौर में दूषित पानी के मामले में विवादित बयानों के बाद भाजपा नेताओं को जनता की बात सुनने की हिदायत दी थी। उस समय मेयर और स्थानीय पार्षद मौजूद थे, लेकिन कैलाश विजयवर्गीय इस बैठक में शामिल नहीं थे। इस मुलाकात को अब डैमेज कंट्रोल या किसी बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।











