बेगूसराय में नक्सली मुठभेड़ में इनामी कमांडर मारा गया
बिहार के बेगूसराय जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई गोलीबारी में 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कुख्यात नक्सली एरिया कमांडर दयानंद मालाकार का अंत हो गया। यह घटना तेघड़ा थाना क्षेत्र के नोनपुर गांव में हुई, जो पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता था। जैसे ही मुठभेड़ की खबर मिली, एसपी मनीष और कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर पूरे ऑपरेशन का जायजा लिया।
मुठभेड़ का विवरण और गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, दयानंद मालाकार पर हत्या, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम सहित 18 से अधिक गंभीर अपराध दर्ज थे। वह लंबे समय से पुलिस की नजर में था और इसी कारण उस पर इनाम घोषित किया गया था। घटना के बाद पूरे जिले में पुलिस को हाईअलर्ट पर रखा गया है। इनपुट मिलने के तुरंत बाद, एसटीएफ (Special Task Force) को सूचना मिली कि नोनपुर गांव का यह नक्सली कमांडर सक्रिय है और किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहा है।
सूचना मिलते ही बुधवार शाम को पुलिस की टीम ने इलाके में छापेमारी शुरू की। जैसे ही वे नोनपुर के पास बहियार में पहुंचे, दयानंद को घेर लिया गया। खुद को घिरता देख उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की। दोनों पक्षों के बीच 20 से अधिक राउंड गोलियां चलीं, जिसमें दयानंद को गोली लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हथियार और गिरफ्तारी की जानकारी
मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से एक इंसास राइफल, एक कार्बाइन, एक पिस्टल और 25 कारतूस बरामद किए हैं। साथ ही, दयानंद की पत्नी और एक अन्य नक्सली ममता देवी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि दयानंद 2020 में भी नोनपुर से हथियार के साथ गिरफ्तार हुआ था, लेकिन जेल से छूटने के बाद फिर से नक्सली गतिविधियों में शामिल हो गया।
मामले की जांच के लिए एफएसएल (Forensic Science Laboratory) की टीम को बुलाया गया है, और शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। एसपी मनीष ने कहा कि दयानंद के छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की थी। उसकी मौत के साथ ही उसकी नक्सली गतिविधियों का अंत हो गया है, और पूरे जिले में पुलिस सतर्क है।









