इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैल रही बीमारियों का संकट
इंदौर के विधानसभा क्षेत्र एक के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण फैल रही बीमारियों का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। गंदे पानी का सेवन करने से संक्रमित हुए सैकड़ों लोगों में से अब तक दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। मृतकों की पहचान सीमाबाई प्रजापत और उर्मिला यादव के रूप में हुई है। इसके अतिरिक्त 70 वर्षीय बुजुर्ग नंदलाल पाल का भी इलाज के दौरान निधन हो गया है।
गंदे पानी के कारण हुई मौतें और स्वास्थ्य संकट
परिजनों का आरोप है कि गंदे पानी के सेवन के बाद महिलाएं डिहाइड्रेशन का शिकार हो गई थीं। दोनों महिलाओं को उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक महिला की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई, जबकि दूसरी ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। वहीं, नंदलाल पाल को वर्मा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने सीपीआर देकर उनकी जान बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
डूबे इलाके में स्वास्थ्य आपदा का कारण और सरकार का कदम
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस बीमारी के फैलने के पीछे दो मुख्य कारण हो सकते हैं। पहला, खुदाई के दौरान ड्रेनेज लाइन फूटने से गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिलना, और दूसरा, पानी की टंकी का दूषित होना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को तुरंत इलाज में किसी भी तरह की कमी न रखने के निर्देश दिए हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने देर रात वर्मा और त्रिवेणी अस्पताल पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।











