गाजा संघर्ष में नेपाली छात्र की मौत और शव वापसी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में मध्य पूर्व में शांति प्रयास तेज हो रहे हैं, जिसमें हमास द्वारा 20 जीवित बंधकों की रिहाई की उम्मीद भी शामिल है। हालांकि, इस प्रक्रिया के बीच एक दुखद खबर ने सभी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। दो साल से अधिक समय पहले हमास ने नेपाली हिंदू छात्र बिपिन जोशी का अपहरण कर लिया था, और अब उनका शव इज़राइल को सौंप दिया गया है। नेपाल के राजदूत धन प्रसाद पंडित ने मीडिया को पुष्टि की है कि जोशी का शव सोमवार रात तेल अवीव के रास्ते में है।
बिपिन जोशी का शव इज़राइल पहुंचने की प्रक्रिया
राजदूत ने बताया कि हमास ने बिपिन जोशी का पार्थिव शरीर इज़राइली अधिकारियों को सौंप दिया है, और अब इसे तेल अवीव ले जाया जा रहा है। इज़राइली सैन्य प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि हमास ने चार बंधकों के शव इज़राइली हिरासत में लौटाए हैं। शवों का डीएनए परीक्षण किया जाएगा, और अंतिम संस्कार नेपाल में ही किया जाएगा, यह प्रक्रिया नेपाली दूतावास के समन्वय से पूरी की जाएगी।
जोशी की यात्रा और आतंकवादी हमले का घटनाक्रम
बिपिन जोशी की यात्रा सितंबर 2023 में शुरू हुई, जब वे गाजा के पास किबुत्ज़ अलुमिम में कृषि अध्ययन और प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने गए थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य इज़राइली कृषि तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना था, जो युवाओं के लिए एक अनमोल अवसर था। 7 अक्टूबर 2023 को, जब हमास ने दक्षिणी इज़राइल पर बड़े पैमाने पर हमला किया, तो छात्र आश्रयों में छिप गए। उस दौरान गोलीबारी और धमाके हुए, और आतंकवादियों ने आश्रय में ग्रेनेड फेंके। एक ग्रेनेड फटने से कई छात्र घायल हो गए, लेकिन जोशी ने साहस दिखाते हुए दूसरा ग्रेनेड पकड़ लिया और फटने से पहले फेंक दिया, जिससे कई जानें बच गईं। बाद में, उन्हें हमास के बंदूकधारियों ने पकड़ लिया और गाजा ले गए। इज़राइल की सेना द्वारा जारी वीडियो में जोशी को गाजा के शिफा अस्पताल में घसीटते हुए दिखाया गया, जो उनके अंतिम ज्ञात दृश्य थे। उनके परिवार और मित्र उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद में लगे रहे, जबकि उनकी माँ और बहन ने इज़राइल और अमेरिका जाकर रिहाई की गुहार लगाई।











