कैरेबियन सागर में अमेरिकी सैन्य अभियान की बढ़ती जटिलताएँ
हाल के दिनों में कैरेबियन सागर में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। ताजा घटनाक्रम में, अमेरिका ने शनिवार को एक नौका पर हवाई हमला किया, जिसमें तीन व्यक्तियों की मौत हो गई। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर इस घटना की जानकारी साझा की, जिसमें बताया गया कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर की गई थी।
सामरिक कार्रवाई और उसकी वैधता पर सवाल
मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार, इस नौका पर मौजूद तीनों व्यक्तियों को अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने कथित तौर पर ‘नार्को-टेररिस्ट’ के रूप में चिन्हित किया था। यह हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में हुआ, जिससे इसकी वैधता को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चर्चा शुरू हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और मानवाधिकार चिंता
इस सप्ताह की शुरुआत में भी इसी तरह के हमले में चार लोगों की जान गई थी, जबकि इससे पहले सोमवार को हुए हमलों में 14 लोग मारे गए थे। सितंबर से शुरू हुए इस अभियान में अब तक 62 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें वेनेजुएला और कोलंबिया के नागरिक भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने इन सैन्य कार्रवाइयों को ‘अस्वीकार्य’ करार देते हुए अमेरिका से तुरंत इन कार्रवाईयों को रोकने की अपील की है।
राजनीतिक तनाव और क्षेत्रीय प्रभाव
अमेरिकी सैन्य अभियान ने वेनेजुएला और कोलंबिया के साथ देश के संबंधों में तनाव को और बढ़ा दिया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इन हमलों को ‘अवैध आक्रामकता’ बताया है और आरोप लगाया है कि अमेरिका उनके शासन को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है। रूस ने भी इन कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है और वेनेजुएला की संप्रभुता का समर्थन किया है।
अमेरिका की सैन्य तैनाती और कूटनीतिक कदम
इसके साथ ही, अमेरिका ने कैरेबियन क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को मजबूत कर दिया है, जिसमें एडवांस जंगी जहाज, एफ-35 लड़ाकू विमान, परमाणु पनडुब्बी और बड़ी संख्या में सैनिक शामिल हैं। साथ ही, उसने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के खिलाफ इनाम राशि बढ़ाकर 50 मिलियन डॉलर कर दी है, उन पर ड्रग तस्करी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
आगे की राह और वैश्विक प्रतिक्रिया
इन घटनाक्रमों ने वैश्विक राजनीति में टकराव की स्थिति को उजागर किया है। आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम के राजनीतिक और कूटनीतिक प्रभाव और अधिक स्पष्ट होंगे। स्थिति का विकास और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं देखने लायक होंगी, क्योंकि अभी भी कई परतें खुलनी बाकी हैं। यह मामला अब केवल सैन्य कार्रवाई से कहीं अधिक जटिल और संवेदनशील बन चुका है।











