इजरायली सेना का युद्धविराम की पुष्टि
इजरायली सेना ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि इजरायल और हमास के बीच चल रहा संघर्ष शुक्रवार दोपहर से स्थगित हो गया है। सेना ने बताया कि दोनों पक्षों ने युद्धविराम समझौते पर सहमति व्यक्त की है और अब उनकी सेनाएं अपने-अपने पूर्व निर्धारित स्थानों पर लौट रही हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में, इज़राइल रक्षा बलों (IDF) ने कहा कि यह युद्धविराम 12:00 बजे से लागू हो गया है। साथ ही, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस समय से, IDF के सैनिक तैनाती रेखाओं पर अपनी स्थिति को अपडेट कर रहे हैं ताकि बंधकों की रिहाई और शांति प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके। दक्षिणी कमान के सैनिक क्षेत्र में तैनात हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
शांति समझौते के तुरंत बाद की घटनाएं
यह घटनाक्रम उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मध्यस्थता में गाजा पट्टी में शांति योजना को इज़राइली कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस समझौते में बंधकों की रिहाई और फिलिस्तीनी कैदियों के आदान-प्रदान का प्रावधान भी शामिल है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार, गाजा में अभी भी 20 बंधक जीवित हैं, जबकि 28 अन्य मृत पाए गए हैं। इस फैसले के तुरंत बाद, गाजा के निवासियों ने गोलाबारी में तेज़ी की खबर दी है। मध्य गाजा के नुसेरात शरणार्थी शिविर में, विस्थापित नागरिक महमूद शार्कावी ने बताया कि तड़के से ही तोपखाने की गोलाबारी तेज हो गई है। उन्होंने कहा, “आज गोलाबारी में काफी वृद्धि हुई है।” साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि कम ऊंचाई पर उड़ान भरने वाले सैन्य विमानों को भी देखा गया है। उत्तरी गाजा में भी बमबारी का सिलसिला जारी रहा है। शिफा अस्पताल के प्रबंध निदेशक रामी महन्ना ने कहा कि युद्धविराम की मंजूरी के बावजूद, दक्षिणी और उत्तरी गाजा में गोलाबारी अभी भी जारी है।
आगे की चुनौतियां और शांति प्रक्रिया
युद्धविराम के बावजूद, गाजा में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। दोनों पक्षों के बीच शांति स्थापित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास जारी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से क्षेत्र में स्थिरता आएगी, लेकिन अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शांति की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों को अपने-अपने कदमों को स्थिर और भरोसेमंद बनाना होगा। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है, ताकि क्षेत्र में स्थिरता और शांति कायम हो सके।











