भारत की नई फ्यूचर वॉरफेयर रणनीति
अब भारत पारंपरिक युद्ध की परंपरा से बाहर निकलकर भविष्य के युद्ध के तरीकों की ओर बढ़ रहा है। इस दिशा में भारतीय सेना ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिसमें 850 कामिकाजे ड्रोन (Loating Munition) का उपयोग शामिल है। यह ड्रोन अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं और इनकी कीमत लगभग 2000 करोड़ रुपये है। भविष्य में इन ड्रोन की संख्या 3000 से अधिक होने का लक्ष्य है।
कामिकाजे ड्रोन की विशेषताएं और कार्यप्रणाली
कामिकाजे ड्रोन को तकनीकी भाषा में लोटिंग मुनिशन कहा जाता है, जिसका अर्थ है हवा में मंडराते रहना और सही समय पर सटीक हमला करना। यह कोई सामान्य ड्रोन नहीं है, बल्कि एक खतरनाक हथियार है जो एक ही प्लेटफार्म पर दो हथियारों से लैस है। इसे टारगेट क्षेत्र में छोड़ा जाता है, जहां यह घंटों तक चुपचाप हवा में रहता है और दुश्मन की हर गतिविधि को रियल टाइम में ट्रैक करता है। जैसे ही सही टारगेट का पता चलता है, यह सीधे टकराकर विस्फोट हो जाता है।
सामरिक महत्व और क्षेत्रीय सुरक्षा
मंत्रालय ने पुष्टि की है कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति स्थिर है और भारतीय सेना की निरंतर कार्रवाई के कारण क्षेत्र पूरी तरह से नियंत्रण में है। स्थानीय जनता भी विकास कार्यों और सरकारी प्रयासों में बढ़-चढ़कर भाग ले रही है। विरोध प्रदर्शनों में कमी आई है और पत्थरबाजी की घटनाएं नहीं हुई हैं।
समीक्षा में ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया गया है, जो 7 मई को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत की सैन्य कार्रवाई थी। इस ऑपरेशन में कम से कम 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया और पाकिस्तान तथा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के नौ आतंकी शिविरों पर सटीक मिसाइल हमले किए गए। इसके बाद चार दिनों तक संघर्ष जारी रहा, लेकिन 10 मई को हॉटलाइन वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई।
आगे कहा गया है कि नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार घुसपैठ की घटनाओं में वृद्धि हुई है। पाकिस्तान ने 2023 और 2024 में पुंछ-राजौरी क्षेत्र को परोक्ष युद्ध का केंद्र बनाने का प्रयास किया है।
रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पश्चिमी सीमा पर 791 ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं दर्ज की गई हैं। जम्मू-कश्मीर में नौ और पंजाब व राजस्थान की सीमाओं पर 782 घटनाएं हुई हैं। मंत्रालय ने बताया कि स्पूफर और जैमर का प्रभावी उपयोग कर ड्रोन के खतरे को काफी हद तक कम किया गया है। सुरक्षा बलों ने 237 ड्रोन को मार गिराया है, जिनमें से पांच युद्ध सामग्री ले जा रहे थे, 72 नशीले पदार्थों से लदे थे और 161 बिना किसी सामग्री के थे।











