सीरिया का ऐतिहासिक लिबरेशन दिवस और वर्तमान बदलाव
सीरिया आज अपने स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा है, जो देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। यह वह दिन है जब दमिश्क से बशर अल असद की सरकार का अंत हुआ और करोड़ों डॉलर के इनाम वाले आतंकियों का शासन समाप्त हुआ। इस मौके पर देश में भारी उत्साह देखा जा रहा है, लाखों लोग एकत्रित होकर आतिशबाजी कर रहे हैं। साथ ही, अलशरा ने वह खास तोहफा दिखाया, जो उन्हें सऊदी अरब के किंग मोहम्मद बिन सलमान ने प्रदान किया था।
गृहयुद्ध और राजनीतिक बदलाव का प्रभाव
सीरिया अभी भी 14 वर्षों के गृहयुद्ध और 50 वर्षों के कठोर शासन के जख्मों से जूझ रहा है। इस संघर्ष में अनुमानित पांच लाख से अधिक लोग मारे गए हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। बशर अल असद का पतन, विद्रोहियों के लिए भी एक बड़ा झटका था। असद को रूसी सेना ने बाहर निकाला और अब वे मॉस्को में निर्वासित हैं। सत्ता संभालने के बाद, अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने पश्चिमी और अरब देशों के साथ संबंध सुधारने के लिए सफल कूटनीतिक प्रयास शुरू किए हैं, जिन्होंने पहले असद का बहिष्कार किया था।
अलशरा का खास तोहफा और देश में पुनर्निर्माण की दिशा
एक पूर्व आतंकवादी, जिस पर करोड़ों डॉलर का इनाम था, अब सऊदी अरब में अपने डेलीगेशन के साथ पहुंचा। उस समय, सऊदी अरब के किंग मोहम्मद बिन सलमान ने अलशरा को एक विशेष तोहफा दिया था। आज, उन्होंने उस तोहफे को दिखाने के लिए सीरिया लिबरेशन डे का दिन चुना। अलशरा मस्जिद पहुंचे और उन्होंने वही कपड़े पहने थे जो उन्होंने असद के तख्ता पलट के दिन पहने थे। इसके बाद, उन्होंने वह तोहफा दिखाया, जो काले रंग की चादर है, जिस पर सुनहरे कुरान की आयतें उकेरी गई हैं। यह चादर, जिसे किसवा कहा जाता है, पवित्र काबा को ढकने के काम आती है।











