चमोली में अक्टूबर में ही जमी देवताल झील का असामान्य जमाव
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित देवताल झील इस बार अक्टूबर महीने में ही पूरी तरह से जम गई है, जो सामान्य से अलग और आश्चर्यजनक घटना है। यह झील, जो माणा गांव के पास लगभग 18000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, इस बार असामान्य बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण माइनस तापमान में पहुंच गई है। पर्यावरण विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन का संकेत मान रहे हैं, क्योंकि इस तरह का तापमान और बर्फबारी पहले कभी इतनी जल्दी नहीं देखी गई।
मौसम की गंभीर स्थिति और पर्यटकों का उत्साह
मौसम विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र का तापमान इस समय माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है। भारी बर्फबारी और लगातार ठंड के कारण झील की सतह पर मोटी बर्फ की परत जम गई है, जो इतनी मजबूत है कि पर्यटक इसके ऊपर चलकर तस्वीरें खिंचवा रहे हैं। सितंबर 2021 में भारत-चीन युद्ध के बाद से बंद इस झील को अब पर्यटक इनर लाइन परमिट प्राप्त कर पहुंच रहे हैं। यहां पहुंचने का रास्ता रोमांचक है, जहां चारों ओर बर्फ से ढकी चोटियां, ठिठुरती हवा और शांति का माहौल है। पर्यटक न केवल झील की सुंदरता का आनंद ले रहे हैं, बल्कि आसपास के ट्रेकिंग रूट्स पर भी घूम रहे हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ठंड और फिसलन भरे रास्तों के कारण सावधानी जरूरी है।
जलवायु परिवर्तन और हिमालयी पर्यावरण का संकेत
वैज्ञानिकों का मानना है कि ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण मौसमी उतार-चढ़ाव तेज हो रहे हैं, जिससे अचानक ठंड और बर्फबारी की घटनाएं बढ़ रही हैं। देवताल जैसी ऊंचाई वाली झीलें जलवायु परिवर्तन के संवेदनशील संकेतक हैं। यह स्थान पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है, खासकर बद्रीनाथ धाम के निकट होने के कारण। सर्दियों में यहां पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन साहसी पर्यटक इस अनुभव को जीवनभर याद रखते हैं। देवताल की जमी हुई सुंदरता फोटोग्राफर्स और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित कर रही है। जिला प्रशासन ने पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे गर्म कपड़े, आवश्यक दवाएं और इनर लाइन परमिट साथ रखें ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद हो सके।











