लखनऊ एयरपोर्ट से मुख्तार अंसारी से जुड़ी कंपनी के कारोबारी को गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लखनऊ एयरपोर्ट पर मुख्तार अंसारी से संबंधित कंपनियों के एक प्रमुख कारोबारी शादाब अहमद को हिरासत में लिया है। शादाब को डंपी नाम से भी जाना जाता है। वह आगाज़ इंजीनियरिंग वर्क्स और मुख्तार की कंपनी विकास कंस्ट्रक्शन के संचालन में मुख्य भूमिका निभाता था। आरोप है कि इन दोनों कंपनियों के माध्यम से मोबाइल टावरों के लिए डीजल की आपूर्ति में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की गई।
2022 से चल रही जांच और गिरफ्तारी का कारण
ईडी ने इस वित्तीय घोटाले और धन की अनियमितता की जांच वर्ष 2022 में शुरू की थी। उस समय शादाब को नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह पूछताछ से बचते हुए दुबई भाग गया। कई महीनों की निगरानी के बाद जब वह बुधवार को मुंबई से वापस लौटा, तो एजेंसी ने उसे लखनऊ एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार, शादाब ने मुख्तार अंसारी के प्रभाव का इस्तेमाल कर डीजल सप्लाई के नाम पर भ्रष्टाचार का जाल बिछाया था। बिलिंग में हेराफेरी कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई।
आरोपों की जाँच और आगे की कार्रवाई
जांच में यह भी पता चला है कि इस घोटाले में कुछ सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक व्यक्तियों की भूमिका पर भी संदेह जताया जा रहा है। शादाब की पत्नी फरहीन अंसारी भी आगाज़ इंजीनियरिंग में साझेदार हैं। ईडी ने शादाब को जेल भेज दिया है और अब उसकी रिमांड पर पूछताछ की तैयारी कर रही है। एजेंसी को उम्मीद है कि शादाब से की गई पूछताछ के दौरान मुख्तार अंसारी के आर्थिक और अवैध कारोबार के कई राज सामने आ सकते हैं।











