बांदा में अवैध अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में शनिवार को प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए कठोर कदम उठाए। सिविल लाइन चौकी से लेकर पुलिस लाइन तक सड़क किनारे लगी दुकानों और गुमटियों पर बुलडोजर चलाए गए। इस कार्रवाई में कई दुकानों को जमींदोज कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इन अतिक्रमणों को हटाने के लिए एक माह पहले नोटिस जारी किया गया था, लेकिन दुकानदारों ने उसका पालन नहीं किया। इसके बाद ही यह सख्त कदम उठाया गया।
स्थानीय दुकानदारों का नुकसान और विरोध
अधिकारियों की इस कार्रवाई से रेहड़ी पटरी पर चलने वाले कई दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ है। वे चाय, फोटोकॉपी, कंप्यूटर सर्विस या ढाबा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, लेकिन अब वे बेरोजगार हो गए हैं। उनका आरोप है कि हम गरीब हैं और हमारी रोजी-रोटी छीन ली गई है। कुछ पीड़ितों ने रोते हुए कहा कि सरकारी दफ्तर हमारी गुमटी से आगे बने हैं, तो उन्हें क्यों नहीं गिराया गया? कई दुकानदारों का कहना है कि अब उन्हें रिक्शा चलाकर जीवन यापन करना पड़ेगा।
शहर के विकास और गरीबों की चिंता
यह क्षेत्र महाराणा प्रताप सिविल लाइन से पुलिस लाइन तक फैला है, जहां पिछले दो दशकों से छोटे दुकानदार अपने परिवार का जीवन यापन कर रहे थे। इस कार्रवाई ने शहर के विकास को तेज किया है, लेकिन साथ ही गरीब वर्ग के रोजगार पर भी विराम लगा दिया है, जिससे इलाके में असंतोष फैल रहा है। नगरपालिका के ईओ श्रीचंद चौधरी ने बताया कि जिस क्षेत्र में यह कार्रवाई हुई है, वह शहर का पॉश और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां कई सरकारी दफ्तर भी स्थित हैं। सड़कों के किनारे लगी गुमटियों को हटाने का मकसद नए मॉडल के तहत इस क्षेत्र का विकास करना है। उन्होंने कहा कि जिन दुकानदारों को हटाया गया है, उन्हें जल्द ही वेंडिंग जोन में स्थान दिया जाएगा। इसी क्रम में यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है।











