अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन शुरू
पवित्र अयोध्या की धरती पर दीपोत्सव 2025 का शुभारंभ हो चुका है, जो भक्ति, प्रकाश और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम है। सरयू नदी के तट पर सजाई गई रंगीन झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया है। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश से आए कलाकारों ने मां काली के बोनालु नृत्य की प्रस्तुति दी, जो तेलंगाना क्षेत्र में मनाए जाने वाले इस त्योहार की गरिमा को और भी बढ़ा रही है। साथ ही, आज का दिन ऐतिहासिक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का भी लक्ष्य लेकर आया है।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए तैयारियां और महत्व
अयोध्या में आज राम की पैड़ी पर 26 लाख से अधिक दीपकों को एक साथ प्रज्वलित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो शाम 5:50 से 6:15 बजे के बीच किया जाएगा। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक रिचर्ड स्टेनिंग ने कहा, “यह एक प्रयास है, हम कल भी एक नया रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेंगे। प्रक्रिया समान रहेगी, जिसमें भाग लेने वालों का क्यूआर कोड स्कैन किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में दो प्रबंधक तैनात होंगे, जो सुनिश्चित करेंगे कि दीप जलाने का कार्य सुचारू रूप से हो। यदि कोई असमानता पाई जाती है, तो कुल संख्या से उसे घटाया जाएगा। हमें उम्मीद है कि यह रिकॉर्ड जरूर टूटेगा।”
दीपोत्सव का कार्यक्रम और सांस्कृतिक गतिविधियां
अयोध्या के दीपोत्सव का आयोजन सुबह से ही रंगीन शोभा यात्रा और झांकियों के साथ शुरू हो चुका है। भगवान श्रीराम के आगमन का भव्य दृश्यांकन सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक निकाली जाने वाली झांकियों में दिखाया जाएगा। इसके बाद दोपहर 3:10 से 3:30 बजे तक भगवान राम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह आयोजित किया जाएगा। शाम को 5:50 से 6:15 बजे तक राम की पैड़ी पर विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों द्वारा 26 लाख से अधिक दीपकों का प्रज्वलन किया जाएगा, जो विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास है। इसके बाद शाम 6:15 से 6:45 बजे तक डिजिटल प्रोजेक्शन, लेज़र शो और ड्रोन शो के माध्यम से रामायण का अद्भुत चित्रण किया जाएगा। रात 7:25 से 8:45 बजे तक रामलीला, भजन संध्या और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन होगा।











