अर्जेंटीना ने विश्व कप 2026 में जॉर्डन को हराकर टॉप स्थान हासिल किया
फीफा विश्व कप 2026 में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए जॉर्डन को 3-1 से परास्त किया और ग्रुप J में पहले स्थान पर कब्जा कर लिया। इस मुकाबले में कप्तान लियोनेल मेसी ने बेंच से उतरकर महत्वपूर्ण गोल किया और विश्व कप इतिहास में एक अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम किया, जिसे अभी तक कोई खिलाड़ी नहीं तोड़ पाया है।
बेंच से आए मेसी ने दिखाया जादू और बनाया इतिहास
पहले ही दो मैच जीतकर नॉकआउट चरण में पहुंच चुकी अर्जेंटीना ने इस मैच में कई बदलाव किए। कोच लियोनेल स्कालोनी ने मेसी को शुरुआती टीम में शामिल नहीं किया, लेकिन दूसरे हाफ में मैदान पर आने के बाद उन्होंने एक शानदार फ्री-किक गोल कर टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। यह गोल मेसी का इस टूर्नामेंट में छठा गोल था, और वह गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं।
मेसी ने विश्व कप का अनोखा रिकॉर्ड बनाया
इस गोल के साथ लियोनेल मेसी विश्व कप इतिहास के पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने लगातार सात विश्व कप मैचों में गोल किया है। साथ ही, उन्होंने अपने कुल गोलों की संख्या 19 तक पहुंचा दी है, जो उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है।
मैच का पूरा हाल और टीम की स्थिति
अर्जेंटीना ने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। 19वें मिनट में जियोवानी लो सेल्सो ने शानदार फ्री-किक से पहला गोल किया। इसके बाद लौतारो मार्टिनेज ने VAR के जरिए मिले पेनल्टी को गोल में बदलकर टीम की बढ़त 2-0 कर दी। दूसरे हाफ में मूसा अल-तमारी ने जॉर्डन के लिए एक गोल कर स्कोर 2-1 कर दिया। अंत में मेसी ने फ्री-किक से गोल कर स्कोर 3-1 कर दिया।
ग्रुप J में अर्जेंटीना का दबदबा और नॉकआउट की तैयारी
अर्जेंटीना ने ग्रुप चरण के तीनों मुकाबले जीतकर पूरे 9 अंक हासिल किए। टीम ने अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया और जॉर्डन को हराकर ग्रुप में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। अब उनका सामना राउंड ऑफ 32 में केप वर्डे से होगा। लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने की उम्मीद में अर्जेंटीना की टीम मजबूत लय में नजर आ रही है।
नॉकआउट मुकाबलों की रणनीति और टीम का आत्मविश्वास
हालांकि जॉर्डन पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका था, लेकिन अर्जेंटीना ने इस मैच को हल्के में नहीं लिया। टीम ने बेहतरीन फुटबॉल खेलते हुए यह दिखाया कि वह लगातार दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी जीतने की प्रबल दावेदार है। मेसी की शानदार फॉर्म, मजबूत आक्रमण और संतुलित टीम संयोजन के कारण अर्जेंटीना अब नॉकआउट दौर में भी सबसे खतरनाक टीमों में गिनी जा रही है।











