महिला विश्व कप 2025 का रोमांचक फाइनल मुकाबला
महिला विश्व कप 2025 का फाइनल मुकाबला मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में भारत और साउथ अफ्रीका (IND W vs SA W) की महिला टीमों के बीच खेला गया। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 52 रन से जीत हासिल की। इस जीत में भारतीय बल्लेबाज शेफाली वर्मा (Shafali Verma) का अहम योगदान रहा, जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। साथ ही ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने भी टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरी ओर, साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोलवार्ड की शतकीय पारी भी चर्चा में रही, हालांकि वह टीम को जीत नहीं दिला सकीं।
बारिश ने मैच में डाली देरी और टॉस का रोमांच
मौसम की खराब स्थिति के कारण भारत और साउथ अफ्रीका के बीच यह फाइनल मुकाबला दो घंटे की देरी से शुरू हुआ। भारी बारिश के कारण पहले दो बार टॉस में भी विलंब हुआ, और अंत में 4:32 बजे टॉस हुआ, जिसे साउथ अफ्रीका ने जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। मेहमान टीम ने भारत को पहले बल्लेबाजी करने का न्यौता दिया। इसके बाद शाम 5 बजे से इस हाईवोल्टेज मुकाबले का लाइव प्रसारण शुरू हुआ, जिसने दर्शकों का ध्यान खींचा।
भारतीय बल्लेबाजी का धमाकेदार प्रदर्शन
पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय महिला टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। ओपनिंग जोड़ी स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दी। स्मृति मंधाना (45 रन) के आउट होने के बाद, युवा बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने फाइनल में अपनी शानदार फिफ्टी पूरी की, जिसमें उन्होंने 78 गेंदों में 7 चौके और 2 छक्के लगाकर 87 रन बनाए। इसके अलावा, दीप्ति शर्मा ने भी 58 गेंदों में 58 रन बनाकर टीम का स्कोर 300 रन के करीब पहुंचाया। अंततः, भारत ने 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 298 रन बनाए, जो कि एक मजबूत लक्ष्य था।
साउथ अफ्रीका की संघर्षपूर्ण शुरुआत और कप्तान वोलवार्ड का शतक
299 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही साउथ अफ्रीका की टीम ने शुरुआत अच्छी करने का प्रयास किया, लेकिन 10वें ओवर में ही झटका लगा। ताजमिन ब्रिट्स 23 रन बनाकर आउट हो गई, और इसके बाद टीम को दूसरी सफलता भी जल्दी मिली। 62 रन के स्कोर पर साउथ अफ्रीका का दूसरा विकेट गिरा, जब एनेके वॉश बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गई।
साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोलवार्ड ने इस मुकाबले में अपनी फाइटिंग क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने न केवल भारत के खिलाफ शतक जड़ा, बल्कि महिला विश्व कप में शतक लगाने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं। वोलवार्ड ने 96 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और अंत में 98 गेंदों में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से 101 रन की पारी खेली।
शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा ने इस फाइनल में अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीता। शेफाली ने बल्ले से 87 रन बनाए और गेंद से दो महत्वपूर्ण विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा ने पहले फिफ्टी लगाई और गेंदबाजी में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इन खिलाड़ियों की बेहतरीन पारियों ने भारत को इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने में मदद की।











