2026 में सरस्वती पूजा का शुभ अवसर
हर वर्ष की तरह ही वर्ष 2026 में भी सरस्वती पूजा माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाएगी। यह त्योहार देशभर में बसंत पंचमी के नाम से भी प्रसिद्ध है। इस दिन देवी माता सरस्वती की पूजा विशेष रूप से घर, विद्यालय और महाविद्यालयों में की जाती है, जिसमें उनकी प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष सरस्वती पूजा कब होगी और इसकी शुभ तिथियां क्या हैं।
2026 में सरस्वती पूजा की तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 22 जनवरी 2026 की रात 2 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर 23 जनवरी 2026 की रात 1 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। इस प्रकार, इस वर्ष सरस्वती पूजा शुक्रवार 23 जनवरी को मनाई जाएगी। पूजा का शुभ समय सुबह 7 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा, जो इस पावन पर्व के लिए उत्तम माना गया है।
सरस्वती पूजा की विधि और अनुष्ठान
सुबह जल्दी उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इस दिन पीले रंग का वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। उसके बाद पूजा स्थल की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें। एक लकड़ी की चौकी लें और उस पर पीले रंग का वस्त्र बिछाएं। फिर माता सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें, साथ ही भगवान गणेश की छोटी प्रतिमा भी रखें।
इसके बाद माता को चंदन अर्पित करें और फल, फूल, अगरबत्ती, धूप, अक्षत, रोली, कुमकुम और भोग अर्पित करें। माता के चरणों के पास कलम, किताबें, नोटबुक और कार्य से संबंधित वस्तुएं रखें। फिर माता के मंत्रों का जप करें और अंत में आरती के साथ पूजा समाप्त करें। इस तरह से विधि-विधान से पूजा करने से देवी माता की कृपा प्राप्त होती है और विद्या व कला में सफलता मिलती है।









