मकर संक्रांति 2026 का शुभ योग और सूर्य का मकर राशि में प्रवेश
पंचांग के अनुसार, जब सूर्य देवता धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो यह एक अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है। इस खास योग पर मनाया जाने वाला मकर संक्रांति का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह दिन प्रगति, सकारात्मक ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस वर्ष सूर्य 14 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 13 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। साथ ही, इस बार मकर संक्रांति पर एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसमें षटतिला एकादशी का भी योग है। इस अद्भुत संयोग से सूर्य और भगवान विष्णु दोनों की असीम कृपा प्राप्त होने की संभावना है। ज्योतिष विशेषज्ञ और वास्तु सलाहकार दीप्ति शर्मा के अनुसार, इस शुभ अवसर पर किन वस्तुओं का दान करने से पुण्य फल प्राप्त होता है, आइए जानते हैं।
मकर संक्रांति के दौरान दान करने से मिलते हैं विशेष पुण्य फल
इस शुभ संयोग पर किए गए दान से जीवन में शुभ फल और मानसिक शांति मिलती है। तिल का दान पितृदोष से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में तिल को पवित्र माना जाता है, जो घर-परिवार में सुख-शांति और पितरों को प्रसन्न करने का कार्य करता है। शास्त्रों के अनुसार, तिल का दान करने से पापों का नाश होता है और पितृकृपा प्राप्त होती है। यह भी माना जाता है कि तिल का दान करने से जीवन में मानसिक स्थिरता और ग्रह दोष शांत होते हैं।
सूर्य दोष दूर करने के लिए गुड़ और अन्य दान
गुड़ का दान जीवन में सुख और मधुरता लाने वाला माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि गुड़ का दान करने से सूर्य देव की कृपा मिलती है, जिससे कुंडली में सूर्य से संबंधित दोष कम होते हैं और स्वास्थ्य में सुधार होता है। सर्दी के मौसम में कंबल और कपड़ों का दान सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है, खासकर गरीब और जरूरतमंद लोगों को यह वस्तुएं देना अत्यंत लाभकारी होता है। घी का दान भी परिवार में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला है, क्योंकि यह सूर्य देव से जुड़ा माना जाता है। इसके अलावा पात्र, दक्षिणा, और भोजन का दान भी अत्यंत फलदायक माना गया है। तांबे या मिट्टी के बर्तन का दान और जरूरतमंद को यथाशक्ति धन देना भी इस दिन शुभ माना जाता है। विशेष रूप से, भूखे व्यक्ति को भोजन कराना इस पर्व का सर्वोत्तम दान माना गया है।











