ओडिशा के गंजाम में अवैध खनन और वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा
गंजाम (Odisha) जिले में अवैध खनन की जांच ने हाल ही में बड़ा खुलासा किया है, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी के दौरान नोटों से भरी अलमारियां बरामद कीं। यह कार्रवाई बीजेडी नेता हृषिकेश पाढ़ी से जुड़े ठिकानों पर की गई, जिसने रेत माफिया, कर चोरी और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों को फिर से उजागर कर दिया है।
संबंधित आरोप और जांच का विस्तार
यह छापेमारी हृषिकेश पाढ़ी और उनके सहयोगियों के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और कर चोरी के मामलों में की गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने अभी तक नकदी के स्रोत और कुल राशि का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि जांच बड़े पैमाने पर चल रही है। जिले में कई रेत माफियाओं ने ऑटो मालिकों, ट्रैक्टर चालकों और दुकानदारों के नाम पर रेत पट्टे हासिल कर भारी अवैध कमाई की है।
अवैध खनन और माफिया का काला कारोबार
ईडी ने कम से कम छह रेत माफियाओं के खिलाफ सबूतों के आधार पर कार्रवाई शुरू की है, जिसमें भारी मात्रा में नकदी जब्त की गई है। यह जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, नई जानकारियों का प्रकाशन होने की उम्मीद है। इन माफियाओं का नेटवर्क दलालों, अपराधियों और बाहुबली तत्वों का है, जो अपनी ताकत का दुरुपयोग कर स्थानीय निवासियों का शोषण करते हैं और जबरन अवैध खनन कराते हैं।
इससे पहले, ईडी ने गंजाम जिले में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर छोटे खनिजों के अवैध खनन और परिवहन में संलिप्त रेत माफियाओं के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। हाल ही में, सरकारी ऑडिट (CAG) ने रुशिकुल्या, बाहुदा और बड़े नदियों के तट पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन का पर्दाफाश किया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंच रहा है।











