महाराष्ट्र के सतारा जिले में महिला डॉक्टर का आत्महत्या का मामला
महाराष्ट्र के सतारा जिले में एक महिला डॉक्टर ने गुरुवार को अपने जीवन का अंत कर लिया। मरने से पहले उसने अपने हाथ पर लिखा एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने दो पुलिसकर्मियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। यह घटना जिले में चर्चा का विषय बन गई है और स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ राजनीतिक दलों में भी चिंता पैदा हो गई है।
डॉक्टर ने लगाए पुलिसकर्मियों पर आरोप और संदिग्ध परिस्थितियां
सूत्रों के अनुसार, सतारा पुलिस रात के समय किसी आरोपी को गिरफ्तार कर मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाती थी। उस समय यदि महिला डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद होती थी, तो वह आरोपियों को अनफिट घोषित कर उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लेती थी। यह प्रक्रिया तीन से चार बार दोहराई गई, जिसके बाद पुलिस ने जिला मेडिकल काउंसिल को शिकायत दर्ज कराई।
डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि पुलिसकर्मी गोपाल बडाने ने उनके साथ कई बार बलात्कार किया, और एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बीयर ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। हालांकि, जब मेडिकल काउंसिल ने उनसे जवाब मांगा, तो उन्होंने कहा कि एक सांसद (MP) का फोन आया था और उस पर दबाव बनाया गया। इस जवाब के बावजूद, यह मामला आत्महत्या से जुड़ा नहीं प्रतीत होता है।
सभी राजनीतिक दलों ने जांच की मांग की
महाराष्ट्र के सतारा जिले में 28 वर्षीय महिला डॉक्टर की कथित आत्महत्या को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने स्वतंत्र जांच और विशेष जांच दल (SIT) से जांच की मांग की है। मृतक डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि सब-इंस्पेक्टर गोपाल बडाने ने उनके साथ कई बार बलात्कार किया, जबकि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बीयर ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इन दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है, जिसकी जांच जारी है।











