मुंबई के पवई में बंधक कांड का खुलासा
मुंबई के पवई क्षेत्र में हुई भयावह बंधक घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। यहाँ एक व्यक्ति ने वेब सीरीज की शूटिंग के नाम पर 17 बच्चों और उनके परिजनों को बंधक बना लिया था। अब जब सभी बंधकों को सुरक्षित मुक्त करा लिया गया है, तो उनके बयान इस घटना की सच्चाई को उजागर कर रहे हैं। इन बंधकों में शामिल बच्चे और उनके परिवार के सदस्य उस समय के डर और दहशत के पल को याद कर कांप उठते हैं।
घटना का पूरा घटनाक्रम और पीड़ितों के बयान
बंधक बनाए गए लोगों में कोल्हापुर से आए संदीप जाधव भी शामिल हैं, जिनकी बेटी एक चाइल्ड आर्टिस्ट है। उन्होंने बताया कि वे कोल्हापुर से मुंबई शूटिंग के लिए आए थे। उनकी बेटी का चयन एक वेब सीरीज के लिए हुआ था, जिसमें कुछ बाल कलाकार चाहिए थे। पिछले पांच दिनों से शूटिंग चल रही थी, सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन अचानक ही उस व्यक्ति ने सभी को बंधक बना लिया। जब उनसे पूछा गया कि उसकी मांग क्या है, तो उसने दो करोड़ रुपये की डिमांड की। संदीप ने बताया कि उस समय उनकी बेटी और मां अंदर थीं, और वह बार-बार कह रहा था कि बाहर मत जाना, नहीं तो सबको मार डालेगा। उस व्यक्ति का व्यवहार इतना डरावना था कि यह समझना मुश्किल हो रहा था कि यह शूटिंग का हिस्सा है या असली खतरा। वह सीन शूट कर रहे हैं का नाटक कर रहा था, जबकि असल में बच्चों को बंद कर रहा था।
बंधक कांड का पुलिस और जांच का दृष्टिकोण
इस घटना के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया। सभी 17 बच्चे और उनके परिवार सुरक्षित हैं, लेकिन मनोवैज्ञानिक रूप से वे अभी भी सदमे में हैं। महिला बुजुर्ग ने बताया कि वे चार दिनों से शूटिंग कर रहे थे, और उस व्यक्ति का व्यवहार बहुत अच्छा था। लेकिन अचानक ही उसने किडनैपिंग और भाग-दौड़ वाले सीन का नाटक शुरू कर दिया। उसने CCTV कैमरे बंद कर दिए और लाइटें लगा दीं, साथ ही बच्चों को ऊपर ले जाकर शटर बंद कर दिए। बाहर से बैनर टांगा गया ताकि कोई अंदर न देख सके। महिला ने यह भी बताया कि उस व्यक्ति के साथ एक महिला और एक काला आदमी भी शामिल था, जो शूटिंग का नाटक कर रहे थे, लेकिन असल में वे सब कुछ नियंत्रित कर रहे थे। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।











