मुम्बई में किडनैपिंग का मामला: पुलिस ने पूर्व मंत्री से की थी बातचीत
मुम्बई के एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो में 17 बच्चों और दो वयस्कों को बंधक बनाने की घटना ने पुलिस की जांच को नई दिशा दी है। इस जाँच में पता चला है कि आरोपी के साथ बातचीत के दौरान पुलिस ने पूर्व मंत्री दीपक केसरकर से संपर्क किया था। अब क्राइम ब्रांच इस मामले में शामिल सभी व्यक्तियों का बयान दर्ज कर सकती है, जिसमें केसरकर का भी नाम शामिल है। इस घटना में आरोपी रोहित आर्य की मौत पुलिस की गोली से हुई थी, जिसकी मजिस्ट्रेट जांच अभी जारी है।
घटना का पूरा घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई
यह पूरा घटनाक्रम गुरुवार को पवई इलाके में महाविर क्लासिक बिल्डिंग स्थित आर ए स्टूडियो में दोपहर 1:30 बजे से शाम 5:15 बजे के बीच हुआ। इस दौरान सभी बंधकों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन आरोपी रोहित आर्य की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, आर्य ने यह ऑपरेशन एक परियोजना के लिए महाराष्ट्र शिक्षा विभाग के बकाया भुगतान को लेकर योजनाबद्ध तरीके से किया था। हालांकि, सरकार ने इस दावे को खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि आर्य ‘प्रोजेक्ट लेट्स चेंज’ के निदेशक थे, जो स्वच्छता अभियान से जुड़ा था।
आरोपी की गिरफ्तारी और मौत का मामला
पुलिस ने बताया कि आर्य ने 30 अक्टूबर से पहले छह दिनों तक एक वेब सीरीज़ के लिए ऑडिशन आयोजित किए थे। बच्चे सुबह 10 बजे स्टूडियो में आते थे और शाम 8 बजे तक सेशन चलता था। मजिस्ट्रेट जांच के तहत, पुलिस ने बताया कि आर्य की मौत के मामले में दो घंटे तक समझाने के बाद स्टूडियो में बलपूर्वक प्रवेश किया गया। आर्य ने पहले अपनी एयर गन से गोली चलाई, जिसके जवाब में एक पुलिस अधिकारी ने भी गोली चलाई। इससे आर्य घायल हो गए और बाद में अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।











