मुम्बई की विशेष सीबीआई अदालत का फैसला: पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया
मुम्बई की एक प्रमुख सीबीआई अदालत ने दो पुलिसकर्मियों को हिरासत में मौत के मामले में दोषी करार दिया है। इस फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि भारत में अमानवीय यातनाओं की घटनाएं कानून की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। न्यायालय ने सब इंस्पेक्टर संजय सुदाम खेडेकर और हेड कांस्टेबल रघुनाथ विठोबा को दोषी माना है। इन दोनों पर 29 वर्षीय अल्ताफ कादिर शेख को 2009 में अवैध हिरासत में लेकर यातना देने और उसकी मौत का आरोप है।
हिरासत का रिकॉर्ड न होने का मामला और न्यायिक निर्णय
अल्ताफ कादिर शेख को पुलिस ने उसके घर से उठाया था। विशेष सीबीआई कोर्ट के जज ए.वी. गुजराती ने कहा कि पुलिस को किसी भी मामले में पूछताछ का अधिकार है, लेकिन यह भी उनका कर्तव्य है कि वे इसकी पूरी जानकारी स्टेशन डायरी में दर्ज करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस आरोपी को हिरासत में लेना चाहती थी, तो उसके लिए कानूनी प्रावधान मौजूद हैं, लेकिन जांच में पाया गया कि न तो स्टेशन डायरी में और न ही किसी अन्य दस्तावेज में उसकी लाने की कोई प्रविष्टि थी। इस आधार पर कोर्ट ने कहा कि अल्ताफ को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था।
मामले की जांच और सजा का विवरण
पुलिस के अनुसार, अल्ताफ एक ड्राइवर था और उसके खिलाफ कई चोरी के मामले दर्ज थे। 2008 में मुंबई पुलिस ने उसे जालना (Jalna) भी निर्वासित किया था। 11 सितंबर 2009 को सुबह चार बजे रमजान के दौरान पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए घर से उठाया। हालांकि, सुबह लगभग नौ बजे वह हिरासत कक्ष में सोता हुआ पाया गया और फिर उसकी कोई खबर नहीं मिली। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शरीर पर कई चोटें पाई गईं, लेकिन पुलिस ने चोटों का कारण नहीं बताया।
अदालत का फैसला और पुलिसकर्मियों की सजा
जांच में यह साबित हुआ कि आरोपियों ने गलत तरीके से बंधक बनाकर यातना दी और उसकी मौत का कारण बने। सीबीआई ने अदालत में कहा कि आरोपियों ने जनता की सुरक्षा का दायित्व निभाने के बजाय, अवैध रूप से हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया। न्यायालय ने दोनों पुलिसकर्मियों को सात साल की सुधारात्मक सजा सुनाई। हालांकि, दोनों ने हाईकोर्ट में अपील की, जिस पर अदालत ने उनकी सजा 7 नवंबर 2025 तक स्थगित कर दी। साथ ही, दोनों को 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत भी दी गई।











