विदिशा में वायरल ऑडियो से राजनीतिक हलचल तेज
मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। इस ऑडियो में नगर पालिका के प्रभारी अध्यक्ष (उपाध्यक्ष) और एक ठेकेदार के बीच हुई कथित बातचीत का खुलासा हुआ है, जिसमें शहर के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का संकेत मिलता है। यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया है और स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है।
ऑडियो में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का खुलासा
वायरल ऑडियो में एक आवाज को नगर पालिका उपाध्यक्ष और प्रभारी अध्यक्ष संजय दिवाकृति के रूप में बताया जा रहा है। इसमें कथित तौर पर उपाध्यक्ष ठेकेदार राजेश शर्मा से कह रहे हैं कि सड़क का बेस (आधार) 4 इंच की बजाय 2 इंच का डाल देना और इसके बदले में 8 प्रतिशत कमीशन लेने की बात कही जा रही है। इस बातचीत से स्पष्ट होता है कि शहर के विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता कर कमीशन का प्रतिशत तय किया जा रहा था। यह ऑडियो सीधे तौर पर टूटी हुई सड़कों, अधूरे कामों और जनता की बढ़ती परेशानियों के पीछे के कारणों को उजागर करता है।
राजनीतिक विवाद और जांच की दिशा
यह घटना उस समय प्रकाश में आई जब कई पार्षद पहले ही नगर पालिका अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए धरने पर बैठे थे। इस ऑडियो ने विदिशा भाजपा संगठन में भी खलबली मचा दी है। इस मामले का संबंध सीधे नगर पालिका अध्यक्ष प्रीति शर्मा से है, जिन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर उपाध्यक्ष संजय दिवाकृति को अध्यक्ष का प्रभार सौंपा था। दोनों पक्षों ने इस ऑडियो को फर्जी बताते हुए इसे साजिश का हिस्सा करार दिया है।
स्थानीय विधायक मुकेश टंडन ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “विदिशा में आज जिस तरह की राजनीति चल रही है, उसमें जिम्मेदार नागरिक भी शामिल हैं।” वहीं, ASP प्रशांत चौबे ने बताया कि उन्हें ठेकेदार राजेश शर्मा की ओर से एक आवेदन मिला है, जिसमें वायरल ऑडियो को गलत तरीके से तैयार किए जाने का आरोप है। उन्होंने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।











