भोपाल जेल में गिरिबाला सिंह की स्थिति और गतिविधियां
मृतक ट्विशा शर्मा के मामले में भोपाल की अदालत ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है। दोनों को 2 जून को भोपाल सेंट्रल जेल में रखा गया है। खबरें थीं कि गिरिबाला सिंह को महिला मेडिकल सेक्शन में रखा गया है और उनका कैदी नंबर 71 है।
अब यह जानकारी सामने आई है कि जेल में गिरिबाला सिंह अपने समय का सदुपयोग किताबें पढ़कर कर रही हैं। बुधवार को जब महिला आयोग की टीम जेल पहुंची, तो उन्होंने देखा कि गिरिबाला सिंह ‘द प्रेग्नेंट किंग’ नामक पुस्तक पढ़ रही थीं। महिला आयोग की टीम ने उनसे जेल में किसी भी तरह की परेशानी का जिक्र नहीं करने को कहा।
जेल में गिरिबाला सिंह की दिनचर्या और सुविधाएं
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने बुधवार को भोपाल सेंट्रल जेल का निरीक्षण किया और महिला कैदियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जेल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जब वे मेडिकल विंग पहुंचीं, तो वहां गिरिबाला सिंह को किताब पढ़ते देखा गया। उन्होंने गिरिबाला सिंह से उनके स्वास्थ्य, खानपान और जेल की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
गिरिबाला सिंह ने जेल में किसी भी तरह की असुविधा या शिकायत से इनकार किया। उन्होंने कहा कि जेल में उन्हें कोई परेशानी नहीं है और सभी व्यवस्थाएं सामान्य हैं। महिला आयोग की अध्यक्ष ने यह भी देखा कि जेल में गिरिबाला सिंह को किसी भी तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिल रहा है। जांच के दौरान ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि उन्हें विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं।
कोर्ट में गिरिबाला सिंह का पक्ष और ट्विशा का मामला
2 जून को अदालत में गिरिबाला सिंह ने अपना पक्ष रखा, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया। इस दौरान उनके और ट्विशा शर्मा के परिवार के वकील के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। बता दें कि ट्विशा शर्मा का जन्म नोएडा में हुआ था। उन्होंने एमबीए की डिग्री प्राप्त की थी और दिल्ली में मार्केटिंग एवं कम्युनिकेशन का कार्य किया। साथ ही, वह मॉडलिंग की दुनिया से भी जुड़ी थीं। उन्होंने ‘मिस पुणे’ का खिताब भी जीता था और तेलुगु फिल्म में अभिनय किया था। दिसंबर 2025 में उनका विवाह भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुआ, जो पूर्व जज गिरिबाला सिंह के बेटे हैं।
12 मई 2026 को ट्विशा अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। प्रारंभिक रिपोर्ट में इसे आत्महत्या माना गया था, क्योंकि उनका शव फंदे से लटका हुआ पाया गया था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और मानसिक रूप से दबाव में रखा गया था। दूसरी ओर, जांच एजेंसी ने अदालत को बताया है कि डिजिटल सबूतों और चैट रिकॉर्ड्स में कुछ संकेत मिले हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है।










