मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में लावारिस मिठाई से मौतों का सिलसिला जारी
छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव क्षेत्र में लावारिस पाए गए थैले में रखी मिठाई खाने से होने वाली मौतों का मामला अभी भी गंभीर बना हुआ है। इस खौफनाक घटना में बुधवार को तीसरी मौत की पुष्टि हुई है, जिससे पूरे इलाके में भय का माहौल व्याप्त है। 9 जनवरी को मिली इस संदिग्ध मिठाई को खाने के बाद अब तक तीन व्यक्तियों की जान जा चुकी है, जबकि कुछ लोग अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
मामले का खुलासा और मौतों का क्रम
यह घटना जुन्नारदेव के पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) कार्यालय के पास की है, जहां एक साफ-सुथरे थैले को काफी समय से लावारिस छोड़ दिया गया था। इस थैले में कच्ची सब्जी और मिठाई का डिब्बा था। देर रात को चौकीदार दसरू यदुवंशी ने इस थैले को खोलकर उसमें रखी मिठाई खा ली। घर पहुंचने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उल्टियां शुरू हो गईं। इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई।
इसके बाद, 10 जनवरी को पास में ही चाय का ठेला लगाने वाले मुकेश कथूरिया की पत्नी संतोषी ने भी उसी थैले में रखी बची हुई मिठाई और सब्जी उठा ली। उसने मिठाई को घर ले जाकर परिवार के सदस्यों को खिला दी। मिठाई खाने के बाद परिवार के कई सदस्य बीमार हो गए। इनमें से संतोषी के ससुर सुंदरलाल कथूरिया (72) की 13 जनवरी को मौत हो गई।
निष्कर्ष और जांच की दिशा
छिंदवाड़ा के एडिशनल एसपी आशीष खरे ने पुष्टि की है कि तीन व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई थी, लेकिन लगातार हो रही मौतों के बाद अब अन्य संभावनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। थैले और मिठाई के डिब्बे से कोई पहचान चिह्न नहीं मिला है, जिससे जांच में कठिनाई हो रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर जल्द ही मामले का सही कारण पता लगाने का प्रयास कर रही है।











