मध्यप्रदेश में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा
मध्यप्रदेश की श्योपुर पुलिस ने 18 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए लावारिस बच्ची के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने बच्ची की खरीद-फरोख्त और मानव तस्करी के जाल का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई और खुलासे की प्रक्रिया
पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 18 अप्रैल 2026 की सुबह मानपुर थाना पुलिस को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली कि सोइखुर्द के पास एक अज्ञात व्यक्ति ने लगभग दो साल की बच्ची को छोड़ दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। बाल कल्याण समिति को भी सूचित किया गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी और खुलासे की प्रक्रिया
इस मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक कार की पहचान हुई, जो भोपाल निवासी आकाश मूंदड़ा के नाम पर पंजीकृत थी। इसके बाद पुलिस टीम भोपाल पहुंची और आरोपी आकाश मूंदड़ा व उसकी पत्नी कृतिका से पूछताछ की। प्रारंभ में आरोपियों ने बच्ची को गोद लेने का दावा किया, लेकिन सख्त पूछताछ के बाद उन्होंने स्वीकार किया कि बच्ची को इंदौर में एक पार्लर संचालिका और उसकी सहयोगी महिलाओं से करीब एक लाख रुपये में खरीदा गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मानव तस्करी और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धाराओं को भी मामला जोड़ा है।










