सिवनी के सरकारी स्कूल में धार्मिक नारे लगवाने का विवाद
सिवनी जिले के एक सरकारी विद्यालय में बच्चों से जबरदस्ती ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगवाने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। यह घटना अरी थाना क्षेत्र के एक हायर सेकेंडरी स्कूल की है, जहां 1 दिसंबर को गीता पाठ के बाद बच्चों से बार-बार नारे लगाने को कहा गया।
स्कूल की प्रभारी प्रिंसिपल प्रतीक्षा मानगढ़े ने बच्चों पर दबाव डालते हुए उन्हें नारे लगाने के लिए मजबूर किया। जब बच्चे घर लौटे और परिजनों को इस घटना की जानकारी दी, तो हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद 3 दिसंबर को बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ ही हिंदूवादी संगठनों के लोग भी स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल का विरोध करते हुए उन्हें स्कूल से हटाने और निलंबित करने की मांग की।
प्रशासनिक कार्रवाई और विवाद का समाधान
हंगामे को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। थोड़ी ही देर में जिला शिक्षा अधिकारी एसएस कुमरे भी स्कूल पहुंचे, जहां लोगों ने उनके खिलाफ भी नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने प्रिंसिपल प्रतीक्षा मानगढ़े से बातचीत की और उन्हें स्कूल से हटा कर कार्यालय में अटैच कर दिया।
गांव के लोगों ने प्रिंसिपल के निलंबन की मांग जारी रखी, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच टीम का गठन किया। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि प्रिंसिपल ने अपनी गलती स्वीकार की है और माफी भी मांगी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था, बल्कि सभी धर्मों के बीच सद्भाव बनाए रखना था।
आगे की जांच और निष्कर्ष
प्रिंसिपल को स्कूल से हटा दिया गया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने क्षेत्र में धार्मिक सद्भाव और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और यह मामला अभी भी चर्चा में बना हुआ है।











