मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सोयाबीन खरीदी में हंगामा
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर कृषि उपज मंडी में सोयाबीन की खरीद प्रक्रिया में देरी और कम भाव मिलने से नाराज किसानों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। लगभग पांच सौ किसान सड़क पर उतर आए और पत्थर फेंककर यातायात बाधित कर दिया। इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान मंडी के अंदर कुछ युवक लाठी-डंडे लेकर घुस गए। आरोप है कि इन युवकों ने द्वारकाधीश ट्रेडर्स के बाहर रखे तौल कांटे और कुर्सियों को तोड़ डाला। साथ ही रामप्रसाद शिवनारायण ट्रेडर्स के कार्यालय के बाहर गेट पर पत्थर फेंके गए और CCTV कैमरे व लाइटें क्षतिग्रस्त कर दी गईं। व्यापारियों का कहना है कि इन हमलों में करीब बारह व्यापारिक प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं।
मंडी में तोड़फोड़ और सुरक्षा व्यवस्था की मांग
मंडी सचिव रामप्रसाद राज ने बताया कि सुबह समय पर मंडी की शुरुआत हुई थी, और सीजन की पहली बड़ी आवक के कारण सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक मंडी चली। भुगतान के लिए बैंक से व्यवस्था करने के लिए एक घंटे का ब्रेक भी दिया गया था। शाम को फिर खरीदी का कार्य हुआ, लेकिन अंधेरा होने के कारण मंडी को बंद करना पड़ा। सचिव के अनुसार, लगभग पचास किसानों की उपज अभी भी मंडी में रह गई थी, जिसको लेकर किसानों ने हंगामा किया और व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की। पुलिस को CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई, किसानों का आश्वासन मिलने के बाद शांतिपूर्ण अंत
मंडी व्यापारियों ने बताया कि अधिक उपज के कारण करीब सौ ट्रैक्टरों की फसल बच गई थी, और किसानों को अगले दिन नीलामी के लिए बुलाया गया था। इसके बाद कुछ किसानों ने प्रतिष्ठानों में जाकर तौल कांटे, लाइट, CCTV कैमरे और कुर्सियों को नुकसान पहुंचाया। व्यापारियों ने खुद को सुरक्षित करने के लिए अंदर कमरे में जाकर गेट बंद कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही खिलचीपुर थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत मौके पर पहुंचे और व्यापारियों से बात की। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, खिलचीपुर एसडीएम ज्योति राजोरिया ने किसानों से चर्चा की और आश्वासन दिया कि रविवार को भी खरीदी प्रक्रिया शुरू रहेगी। प्रशासन की समझाइश के बाद किसानों ने शाम करीब सात बजे रास्ता खोलकर प्रदर्शन समाप्त कर दिया।










