गैरतगंज में भाजपा नेताओं का अस्पताल में नाटक और जेल की कार्रवाई
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के गैरतगंज से एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसमें भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं ने अपने पुराने मारपीट के मामले से बचने के लिए अस्पताल में भर्ती होने का नाटक किया। इन नेताओं ने बीमारी का दिखावा कर जेल जाने से बचने का प्रयास किया, लेकिन अदालत की सख्ती के कारण उनका यह प्रयास असफल हो गया।
राजनीतिक दबाव और नेताओं का फर्जी बीमार होना
यह घटना इस साल 15 जून को हुई, जब गैरतगंज के सिविल अस्पताल में ड्यूटी के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष जिनेश जैन और भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय जैन ने डॉ. अनिस्ट लाल के साथ अभद्रता और मारपीट की थी। इस मामले में बीएमओ की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप था कि राजनीतिक प्रभाव के कारण इस मामले में कार्रवाई को रोक दिया गया था।
कुछ महीनों बाद जैसे ही दोनों नेताओं का जेल वारंट जारी हुआ, दोनों ने कथित रूप से ‘बेहोश’ होने का नाटक किया और खुद को रायसेन जिला अस्पताल में भर्ती करवा लिया। अस्पताल से पूछताछ के बाद पता चला कि दोनों की हालत में सुधार हो रहा है और वे खतरे से बाहर हैं। इसके बावजूद, अदालत ने दोनों नेताओं को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया।
जेल में भेजने और कानूनी प्रक्रिया
गैरतगंज पुलिस ने अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही दोनों नेताओं को गिरफ्तार कर बेगमगंज जेल भेज दिया। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गुरुवार को अदालत ने उन्हें जमानत नहीं दी, तो दोनों नेताओं को हाई कोर्ट में छुट्टियों के कारण दीपावली का त्योहार जेल में ही मनाना पड़ सकता है।
डॉक्टर आकाश चतुर्वेदी ने बताया कि दोनों नेताओं की सेहत में सुधार हो रहा है और वे अब खतरे से बाहर हैं। इस पूरे प्रकरण ने राजनीतिक और कानूनी दोनों ही स्तरों पर हलचल मचा दी है।











