मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का असर
मध्य प्रदेश में निजी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि कर दी है। नायरा (Naira) नामक तेल कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में पांच रुपये और डीजल में तीन रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है। यह नई दरें बुधवार सुबह से ही लागू हो चुकी हैं। भोपाल में अब पेट्रोल की कीमत 106.74 रुपये से बढ़कर 111.74 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 91.86 रुपये से बढ़कर 94.86 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। यह मूल्यवृद्धि केवल निजी पंपों पर ही लागू हुई है, वहीं सरकारी तेल पंपों पर अभी तक कोई बदलाव नहीं हुआ है।
लोगों में बढ़ती कीमतों को लेकर नाराजगी और प्रतिक्रिया
कीमतें बढ़ने के बाद पंपों पर पहुंचे ग्राहकों में असंतोष देखा गया है। कई लोगों का कहना है कि जब सरकारी पंपों पर कीमतें स्थिर हैं, तो निजी कंपनियां क्यों अपने दाम बढ़ा रही हैं। इस बढ़ोतरी ने आम जनता की जेब पर सीधा असर डाला है। पेट्रोल के दाम में पांच रुपये और डीजल में तीन रुपये की वृद्धि के कारण लोग परेशान हैं। कुछ ग्राहक अपने वाहन भरवाने के लिए मजबूर हैं, जबकि अन्य अब सरकारी पंपों की ओर रुख कर रहे हैं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि का कारण और सरकारी प्रतिक्रिया
पेट्रोल पंप के मैनेजर सतीश ने बताया कि नई कीमतें सुबह छह बजे से लागू हो चुकी हैं। फिलहाल पेट्रोल उपलब्ध है, लेकिन डीजल का स्टॉक समाप्त हो चुका है, इसलिए केवल पेट्रोल ही दिया जा रहा है। इस स्थिति में डीजल लेने वाले ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि निजी कंपनियों ने पेट्रोल पर लगभग 22 रुपये प्रति लीटर का घाटा झेला है, इसलिए उन्होंने कीमतें बढ़ाई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी तेल कंपनियों पर सरकार का नियंत्रण होता है, इसलिए वे तुरंत कीमतें नहीं बढ़ातीं, जबकि निजी कंपनियां बाजार के हिसाब से दाम तय करती हैं। आने वाले समय में रिलायंस जैसी अन्य निजी कंपनियों के भी कीमतें बढ़ाने की संभावना है।










