मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष का युवा पीढ़ी के प्रति नया दृष्टिकोण
मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने युवा पीढ़ी के लिए एक नई भाषा और दृष्टिकोण अपनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें ‘Gen-Z’ जैसे अंग्रेजी शब्द के बजाय ‘तरुण भारत’ का प्रयोग करना चाहिए, क्योंकि यह अधिक सार्थक और देशभक्ति से भरपूर प्रतीत होता है। तोमर का मानना है कि युवा वर्ग का खुले दिल से स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि बदलाव जीवन का स्वाभाविक हिस्सा है।
युवा शक्ति का सम्मान और बदलाव की स्वाभाविकता
इंदौर में आयोजित एक पत्रकारिता कार्यक्रम में बोलते हुए तोमर ने कहा कि आज हर जगह ‘Gen-Z’ का नाम लिया जा रहा है, लेकिन हमें चाहिए कि हम ‘तरुण भारत’ शब्द का प्रयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि भारत की युवा पीढ़ी देश और विदेश दोनों में ही उल्लेखनीय कार्य कर रही है, जिससे हर कोई आश्चर्यचकित है। उनका कहना है कि वर्तमान समय पीढ़ियों के बीच बदलाव का दौर है, इसलिए हमें अपनी सोच का दायरा बढ़ाना चाहिए और नई पीढ़ी का सम्मान करना चाहिए, जो आने वाले समय में देश का नेतृत्व करेगी।
युवाओं की उपलब्धियों और राष्ट्रीय प्रगति में उनका योगदान
तोमर ने कहा कि युवा पीढ़ी हमेशा गलत नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि भारत की सांस्कृतिक परंपराएं बदलाव को स्वाभाविक मानती हैं। पुराने मुग़ल शासकों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी संस्कृतियां भी थीं, जहां बेटा अपने ही पिता को कैद कर लेता था। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10-15 वर्षों में युवाओं ने कई प्रयोग किए हैं, जिन पर हमें गर्व होना चाहिए। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा की और कहा कि भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। भारतीय युवा अब विश्व की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने भारत की स्टार्ट-अप क्रांति का भी जिक्र किया और बताया कि जब वे सरकार में थे, तब देश में केवल कुछ सौ स्टार्ट-अप थे। आज हजारों की संख्या में स्टार्ट-अप हैं, जिनमें युवा ही शामिल हैं, जिन्हें वह ‘तरुण भारत’ कहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की युवा शक्ति का योगदान न केवल देश में बल्कि विश्व स्तर पर भी महत्वपूर्ण है।









